लंदनः ब्रिटेन की राजधानी लंदन के वेस्ट इलाके हाउंस्लो में एक बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है। यहां 14 से 16 साल की सिख लड़की को कथित तौर पर पाकिस्तानी मूल के ग्रूमिंग गैंग ने अपने जाल में फंसाकर कई दिनों तक बंधक बनाए रखा और लगातार गैंगरेप का शिकार बनाया। आरोपियों की उम्र 34 से 40 साल के आसपास का बताई जा रही है।
सुबह 5 बजे से 10 बजे तक करते थे रेप
आरोप है कि अपराधी लड़की को फ्लैट में कैद रखे हुए थे। रोजाना लड़की को सुबह 5 बजे लाया जाता और रात 10 बजे निकाला जाता था। इस दौरान कई संदिग्ध लोग फ्लैट में आते-जाते थे और उसके साथ रेप करते थे। इस दौरान कई बार लड़की ने भागने की कोशिश की तो उसे बुरी तरह पीटा गया। एक स्थानीय सिख नौजवान ने इस संदिग्ध गतिविधि को देखा और पूछताछ की, लेकिन उसे धमकियां मिलीं। उसने सिख कम्युनिटी को सूचित किया। इसके बाद पुलिस को कई शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
200 से अधिक सिख नौजवानों ने खोला मोर्चा
पुलिस के रवैये से परेशान होकर आखिरकार 200 से अधिक सिख नौजवानों ने फ्लैट के बाहर जमा होकर विरोध प्रदर्शन किया। वे "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" के नारे लगाते हुए कई घंटों तक डटे रहे। दबाव के कारण पुलिस मौके पर पहुंची और तब जाकर लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान एक आरोपी को हिरासत में लिया गया। सिख समुदाय के सदस्यों ने कहा कि वेस्ट लंदन में कई पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग सक्रिय हैं, जो कम उम्र की लड़कियों खासकर अन्य समुदायों की किशोरियों को को सोशल मीडिया, महंगे गिफ्ट्स या शादी के झांसे से फंसाते हैं। बाद में यौन शोषण, गैंगरेप, ब्लैकमेल और कभी-कभी जबरन धर्म परिवर्तन करवाते हैं।
दिखावे के लिए कई लड़कियों से शादी कर छोड़ देते हैं गैंग
दावा है कि कुछ मामलों में ग्रूमिंग गैंग दिखावे की शादी करके प्रॉपर्टी हड़पकर छोड़ देते हैं। समुदाय का आरोप है कि पुलिस शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करती, जिससे लोगों को खुद एक्शन लेना पड़ रहा है। यह घटना ब्रिटेन में पुराने ग्रूमिंग गैंग स्कैंडल्स को फिर से उजागर कर रही है, जहां हजारों लड़कियां शोषण का शिकार हुईं थीं।
मेयर सादिक खान की एलन मस्क ने की आलोचना
एलन मस्क सहित कई लोगों ने ब्रिटिश सरकार और लंदन के मेयर सादिक खान की इस घटना के लिए आलोचना की है कि वे ऐसे मामलों में सख्ती नहीं बरत रहे। सिख कम्युनिटी ने एलान किया है कि अब वे पुलिस के भरोसे नहीं बैठेंगे और अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए खुद आगे आएंगे। पुलिस जांच जारी है, लेकिन घटना ने बाल सुरक्षा और संस्थागत विफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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