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हवा के जरिए दूर तक पहुंच सकता है कोरोना वायरस, स्टडी में सामने आई बात

स्टडी में कहा गया है कि कपड़े के बने मास्क और सर्जिकल मास्क हवा में वायरस को फैलने और लोगों को संक्रमण से रोकते हैं।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: September 20, 2021 18:22 IST
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Image Source : PTI REPRESENTATIONAL कोरोना वायरस के कई स्वरूप हवा के जरिए काफी दूरी तक पहुंच सकते हैं।

वॉशिंगटन: कोरोना वायरस के कई स्वरूप हवा के जरिए काफी दूरी तक पहुंच सकते हैं। एक स्टडी में सामने आया है कि लोगों को सुरक्षा के लिए टाइट फिटिंग वाले मास्क पहनने चाहिए। इस स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण करवाना भी बहुत जरूरी है। अमेरिका में मेरीलैंड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने अपने अध्ययन में पाया कि कोरोना वायरस से संक्रमित लोग अपनी सांस के जरिए संक्रमण फैला सकते हैं और अल्फा स्वरूप किसी अन्य स्वरूप की तुलना में हवा में 43 से 100 गुना अधिक फैलता है। 

‘डेल्टा वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है’

रिसर्च जर्नल ‘क्लीनिकल इन्फेक्शस डिजीज’ में पब्लिश स्टडी में कहा गया है कि कपड़े के बने मास्क और सर्जिकल मास्क हवा में वायरस को फैलने और लोगों को संक्रमण से रोकते हैं। मेरीलैंड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर डॉन मिल्टन ने कहा, ‘हमारी नई स्टडी हवा के जरिए संक्रमण के फैलने के महत्व को रेखांकित करता है। हम जानते हैं कि अल्फा वेरिएंट की तुलना में डेल्टा वेरिएंट ज्यादा संक्रामक है। हमारी स्टडी यह दिखाती है कि कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट हवा के जरिए काफी दूरी तक जा सकते हैं। यही वजह है कि हमें संक्रमण रोकने के लिए टाइट फिटिंग वाले मास्क पहनने चाहिए और वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।’

दुनिया में 47 लाख से ज्यादा मौतें
बता दें कि दुनिया में अब तक 22.93 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इस घातक वायरस के चलते दुनिया में अब तक 47 लाख से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित 5 देशों में अमेरिका, भारत, ब्राजील, ब्रिटेन और रूस हैं। बता दें कि कोरोना वायरस से संक्रमण का पहला मामला चीन के वुहान शहर में सामने आया था और अगले कुछ ही महीनों के अंदर इस बीमारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया।

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