जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार (UNHRC) ने अमेरिका को कैरेबियन सागर में तथाकथित ड्रग बोट पर सैन्य हमले करने के मामले में कड़ी फटकर लगाई है। यूएनएचआरसी के प्रमुख ने कहा है कि दक्षिण अमेरिका से कथित तौर पर अवैध मादक पदार्थ ले जाने वाली नौकाओं पर अमेरिकी सैन्य हमले "अस्वीकार्य" हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए।
अमेरिका ने गत 1 महीने में कम से कम 22 नौकाओं को सैन्य हमले में उड़ा दिया है। अमेरिका का आरोप है कि इन नौकाओं के जरिये अमेरिका में ड्रग तस्करी की जानी थी। अमेरिका के हमले में अब तक करीब 60 तथाकथित ड्रग तस्कर मारे गए हैं। यह आंकड़े गत 1 महीने के हैं। इन घटनाओं के बाद संयुक्त राष्ट्र के किसी संगठन ने संभवत: पहली बार संज्ञान लिया है। यूएनएचआरसी ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैरेबियेन सागर में ड्रग तस्करी करने वाली नौकाओं पर हमलों को सही ठहरा रहा हैं। ट्रंप ने अमेरिका में मादक पदार्थों के प्रवाह को रोकने के लिए इसे एक आवश्यक कार्रवाई बताया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शमदसानी ने बताया कि मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने हमलों की जांच की मांग की है और कहा है कि सितंबर के शुरू से अब तक इस क्षेत्र में नौकाओं पर हुए हमलों में 60 से अधिक लोग मारे गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की एक ब्रीफिंग में कहा, ‘‘ ये हमले और उनमें होनी वाली मानवीय क्षति अस्वीकार्य है।’’
यूएनएचआरसी ने कहा कि टर्क का मानना है कि ‘‘कैरेबियन और प्रशांत महासागर में नौकाओं पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये हमले और उनमें होनी वाली मानवीय क्षति अस्वीकार्य है। अमेरिका को ऐसे हमलों को रोकना चाहिए और इन नौकाओं पर सवार लोगों की न्यायेतर हत्या को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए।’ , (एपी)
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