बिहार में हाल ही में विधानसभा चुनाव सम्पन्न हुए। चुनाव के बाद नतीजे भी सामने आ गए और राज्य में एनडीए की सरकार बन चुकी है। वहीं बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 45 दिन के बाद बिहार कांग्रेस ने पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल, बिहार कांग्रेस ने चुनाव आयोग की शिकायत की है। बिहार कांग्रेस ने पटना हाई कोर्ट में भी याचिका दायर कर चुनाव को रद्द करने की मांग की है। आरोप है कि 10 हजार रुपया बांटकर चुनाव के दौरान वोट खरीदा गया है।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस ने लगाए आरोप
बिहार कांग्रेस के नेता रिषि मिश्रा, प्रवीण कुशवाहा और अमित टुन्ना इस बार कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़े हैं। ऐसे में ये सभी लोग पटना हाई कोर्ट पहुंचे। इन लोगों का कहना है कि याचिका हम लोगों ने दायर की है कि चुनाव को रद्द किया जाए। निष्पक्ष तरीके से फिर से चुनाव कराए जाएं। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है कि महिला रोजगार योजना के नाम पर 10-10 हजार रुपया चुनाव के दौरान बांटा गया और वोट खरीदा गया। तेलंगाना और राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस मोबाइल बांटना चाहती थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इजाजत नहीं दी थी, जबकि बिहार चुनाव में 10 हजार रुपया बांटने का अनुमति चुनाव आयोग ने दे दी।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं कांग्रेस नेताओं के हाई कोर्ट पहुंचने पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया मुकदमा उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना काफी पहले से चल रही थी। कांग्रेस के नेता, महिलाओं को जो सशक्त बनाने का काम किया जा रहा है उसपर कीचड़ उछाल रहे हैं। उन्हें शायद नहीं मालूम की कीचड़ में कमल और अधिक खिलता है। जनता से आपकी कनेक्टिविटी समाप्त हो गई है और ये बाद आपकी समझ में नहीं आ रही है। आप इसी मुगालते में रहिए और हम चुनाव पर चुनाव जीतते जाएंगे। आपको हाई कोर्ट में भी हार का ही मुंह देखना पड़ेगा।
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