पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी और महागठबंधन की बुरी तरह से हार के बाद लालू परिवार में घमासान मच गया है। तेज प्रताप यादव के बाद अब लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी परिवार से बगावत कर दिया है। रोहिणी ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर कहा कि "मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।"
रमीज की तेजस्वी यादव के साथ कई तस्वीरें
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने जिस रमीज का जिक्र किया है उसकी जानकारी और कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। तस्वीरों में वह तेजस्वी यादव के आस-पास वह दिखता नजर आ रहा है। कुछ तस्वीरें तेजस्वी यादव के साथ में हैं।
मर्डर केस में जेल जा चुका है रमीज
जानकारी के मुताबिक, रमीज खान, जिसका जिक्र रोहिणी आचार्य ने किया है वो यूपी के बलरामपुर के रहने वाला हैं और जेल में बंद पूर्व सांसद रिजवान ज़हीर का दामाद है। इस पर हत्या समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। रमीज आरजेडी के सोशल मीडिया और चुनाव प्रबंधन का काम देखता है और उसकी पत्नी भी विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी है।

पूर्व सांसद का दामाद है रिजवान जहीर
यूपी के बलरामपुर जिले में तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फिरोज पप्पू की हत्या की साजिश रचने में समाजवादी पार्टी से दो बार सांसद रहे रिजवान जहीर,उनके दामाद रमीज और बेटी जेबा रिजवान सहित छह लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि बाद में जमानत के बाद रमीज जेल से बाहर आ गया था।

तेजस्वी के करीबी हैं संजय यादव और रमीज
रोहिणी आचार्य ने जिस संजय यादव और रमीज का जिक्र किया वो दोनों तेजस्वी यादव के करीबी माने जाते हैं। संजय यादव आरजेडी के राज्यसभा सांसद हैं और तेजस्वी यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माने जाते हैं। रमीज को तेजस्वी का पुराना मित्र बताया जाता है, जो उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से संबंधित हैं। रोहिणी की पोस्ट से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संजय यादव और रमीज ने उनसे किस बारे में ऐसा कहा था। दोनों से इस संबंध में कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हो सकी।
कुछ वर्ष पहले पिता लालू प्रसाद को अपना गुर्दा दान करने के कारण चर्चा में आई रोहिणी ने पिछले वर्ष सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यह भी अटकलें थीं कि वह तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासन से ‘‘नाखुश’’ थीं। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान वह तेजस्वी यादव के लिए प्रचार करती दिखीं। इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की सीट घटकर 75 से 24 रह गईं।
(भाषा इनपुट के साथ)



