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बाबा भारामल धाम में महंत हरि गिरि महाराज की हत्या, सेवादार बाबा को भी उतारा मौत के घाट

 Published : Jan 05, 2024 07:15 pm IST,  Updated : Jan 05, 2024 07:15 pm IST

उत्तराखंड के खटीमा विधानसभा क्षेत्र के सीमांत सुरई वन रेंज के दूरस्थ वन क्षेत्र में स्थित सिद्ध बाबा भारामल के समाधि स्थल के महंत बाबा हरि गिरि महाराज और एक अन्य की धाम में ही हत्या कर दी गई।

Mahant Hari Giri Maharaj- India TV Hindi
महंत बाबा हरि गिरि महाराज की हत्या Image Source : FILE PHOTO

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से एक बड़ी वारादात सामने आई है। भारत नेपाल सीमा के पास खटीमा भारामल मंदिर में बाबा समेत दो लोगो की हत्या हो गई। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने वाले फरार हो गए। मंदिर में एक और सेवादार गंभीर रूप से घायल मिला जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि खटीमा भारामल मंदिर में साल 2002 में भी एक बाबा की हत्या हुई थी, जिसका खुलासा आजतक नहीं हुआ।

तीन लोगों ने दिया वारदात को अंजाम

खबर है कि यहां खटीमा विधानसभा क्षेत्र के सीमांत सुरई वन रेंज में एक सिद्ध बाबा भारामल धाम स्थित है। भारामल बाबा समाधि स्थल के महंत बाबा हरि गिरि महाराज और एक एक सेवादार की धाम में ही हत्या कर दी गई। इस वारदात की खबर मिलते ही क्षेत्र में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस के साथ क्षेत्र के सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हमले में घायल हुए सेवादार नन्हे बाबा ने बताया कि गुरुवार की देर रात लगभग 12:00 बजे के आसपास तीन लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया। हमले के वक्त आश्रम में बाबा हरी गिरी महाराज और सेवादार नन्हे बाबा के साथ दो अन्य मानसिक रोगी मौजूद थे। 

लाठी-डंडों से किया जबरदस्त हमला

सेवादार नन्हे बाबा ने बताया कि सभी लोग अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। सोते हुए लोगों पर हमलावरों ने एकाएक लाठी-डंडों से जबरदस्त हमला कर दिया। इसमें आश्रम के मुख्य महंत बाबा हरि गिरि महाराज और रूपा नामक एक अन्य मानसिक रोगी युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। तो वहीं आश्रम में रुका दूसरा मानसिक रोगी जगदीश जो कि हमले के समय जाग चुका था, हमले की दहशत के चलते अपनी जान बचाने के लिए घने जंगल में भाग गया। सेवादार नन्हें ने बताया कि आवाज सुनकर वह जागे तो हमलावरों ने तुरंत ही उनपर भी हमला कर दिया। इससे वह घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गए और हमलावरों द्वारा उन्हें मरा हुआ समझ कर छोड़ दिया गया। 

भारामल धाम में सीएम धामी की भी विशेष आस्था

गौरतलब है कि सिद्ध बाबा भारामल समाधि धाम में स्थानीय लोगों की बहुत आस्था है। यहां तक की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बाबा के धाम में बहुत आस्था रखते हैं। बीती 27 दिसंबर को धाम में हुए भंडारे में मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं हाजिरी लगाकर सेवा की थी। ऐसे में धाम में हुई यह घटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। जिसको सुलझाने के लिए जनपद से आला अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। इस वारदात की जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है। वहीं घटना में घायल हुए सेवादार नन्हे बाबा को इलाज के लिए खटीमा के नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है। 

पुलिस जुटा रही सबूत

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच में वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरा ट्रेप एवं डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम की मदद से एविडेंस कलेक्ट किए जा रहे हैं। प्रथम दृष्टि में यह लग रहा है कि लूटपाट की नियत से इस घटना को अंजाम दिया गया है। वहीं मौके पर पहुंचे खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने भी इस घटना पर रोष जताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए।

(रिपोर्ट- सुरेन्द्र कुमार गुप्ता)

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