नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने कहा था कि ये चुनाव दिल्ली को बचाने का चुनाव है, लेकिन अब मुझे लगता है कि ये चुनाव देश को बचाने का चुनाव है। ये चुनाव केवल और आप और बीजेपी के बीच का चुनाव नहीं बल्कि दो विचारधाराओं के बीच का चुनाव है। इस चुनाव में जनता को तय करना है कि देश और राज्य का सरकारी खजाना कहां पर और कैसे खर्च होना चाहिए। जनता टैक्स देती है। ये सारा पैसा जो सरकारें इकट्ठा करती हैं, ये पैसा कैसे खर्च होना चाहिए, ये चुनाव इसे तय करने का चुनाव है।
केजरीवाल ने कहा कि इस पैसे को खर्च करने के दो तरीके हैं। पहला ये कि इस पैसे से जनता के कल्याण की योजनाएं बनाई जाएं और उसपर खर्ज किया जाए। स्कूल बने, हॉस्पिटल बने, जिससे जनता को लाभ हो। और दूसरा तरीका है कि अपने करीबी अरबपति दोस्तों के ऊपर ये पैसा खर्च किया जाए। उन्हें कर्जा दिए जाए और बाद में उसे माफ कर दिया जाएगा। दिल्ली का चुनाव ये तय करने का चुनाव है कि दिल्ली की जनता क्या चाहती है कि सरकारी खजाना किस तरह से खर्च किया जाए। अगर जनता पर पैसा खर्च किया जाए तो उसे मैं केजरीवाल मॉडल और आप मॉडल बोलूंगा। और अगर जनता का पैसा अरबपतियों पर खर्च किया जाएगा तो मैं उसे बीजेपी मॉडल बोलूंगा।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में भाजपा की केंद्र सरकार ने अपने 400-500 दोस्तों के 10 लाख करोड़ रुपये का कर्जा माफ किया है। ये पैसा आपका पैसा है। इस देश का मिडिल क्लास आदमी टैक्स देता है। ये पैसा किधर जाना चाहिए ये चुनाव ये तय करने का चुनाव है। जिनता पैसा माफ किया इतने में दिल्ली की सारी फ्री की सुविधाएं आ जाएगी। अभी राजस्थान में इनकी सरकार बनी तो साढ़े आठ सौ सरकारी स्कूल बंद कर दिए। दिल्ली में अगर ये जीत जाएंगे तो ये सारी सुविधाएं बंद कर देंगे। दिल्ली में रहने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार जरूरी है। मिडिल क्लास को जानबूझकर मानसिक रूप से गुलाम बनाया जा रहा है।
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