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विदेश में नौकरी का झांसा देकर कराते थे ऑनलाइन ठगी, दिल्ली पुलिस ने गैंग का किया भंडाफोड़

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Amar Deep
 Published : Nov 22, 2025 02:07 pm IST,  Updated : Nov 22, 2025 02:07 pm IST

दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े हुए थे। ये लोग विदेश में नौकरी का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करवाते थे।

दो आरोपी गिरफ्तार।- India TV Hindi
दो आरोपी गिरफ्तार। Image Source : REPORTER INPUT

दिल्ली पुलिस की IFSO टीम ने साइबर-स्लेवरी के नाम पर होने वाली मानव तस्करी का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। दिल्ली पुलिस की IFSO यानी साइबर सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश किया है, जो भारतीय युवाओं को झूठे जॉब ऑफर देकर म्यांमार ले जाकर उनसे साइबर ठगी कराता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बवाना के रहने वाले दानिश राजा और फरीदाबाद के रहने वाले हर्ष के रूप में हुई है।

कैसे हुआ खुलासा?

दरअसल, 22 अक्टूबर 2025 को म्यांमार मिलिट्री ने वहां के एक स्कैम सेंटर पर छापा मारकर भारतीय युवाओं को छुड़ाया। इन लोगों को कैंप में रखा गया और फिर भारतीय दूतावास की मदद से 19 नवंबर 2025 को भारत वापस लाया गया। वापस आए लोगों की जांच के दौरान बवाना निवासी इम्तियाज बाबू ने शिकायत दी कि उसे डेटा-एंट्री की हाई सैलरी वाली जॉब का झांसा देकर म्यांमार ले जाया गया था।

पीड़ित के मुताबिक उन्हें कोलकाता से बैंकॉक और फिर म्यांमार ले जाया गया। यहां एक बड़े स्कैम सेंटर में बंद करके रखा गया। फिर अमेरिकियों को निशाना बनाकर ऑनलाइन फ्रॉड करवाया गया। उन्हें हथियारबंद गार्ड्स से डराया-धमकाया भी गया। जानकारी मिलने के बाद 20 नवंबर 2025 को FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।

दिल्ली में टीम बनी और आरोपी पकड़े गए

IFSO टीम ने जानकारी जुटाकर बवाना से दानिश राजा को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह खुद मार्च 2025 में म्यांमार से डिपोर्ट होकर आया था, फिर भी यहां वापस लोगों को नौकरी का लालच देकर फंसा रहा था। पुलिस के मुताबिक ये गैंग फर्जी जॉब का लालच देकर लोगों को गुमराह करता था। इसके अलावा ये गैर-कानूनी तरीकों से बार्डर पार कराते थे। सफर के दौरान वाहन बदलना और मारपीट और धमकी देकर साइबर अपराध करवाना इनका काम था।

आरोपयों के पास से 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें विदेशी हैंडलर्स से बातचीत और अन्य सबूत मिले हैं। इसके अलावा डिजिटल और फाइनेंशियल जांच की जा रही है। बाकी लोगों की तलाश भी चल रही है। दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के I4C की संयुक्त कार्रवाई से ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर-क्राइम रैकेट्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि ऐसे मानव तस्करों और साइबर अपराधियों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होगी और पीड़ितों की हर तरह से मदद की जाएगी।

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