नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने अपनी मेहनत, समन्वय और संवेदनशीलता से एक बार फिर साबित किया है कि वह कमजोर बच्चों और लापता व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत जिले की पुलिस ने कई सफल अभियान चलाए हैं, जिनसे सैकड़ों परिवारों को उनके लापता सदस्य वापस मिले हैं।
कमिश्नर गोलचा के निर्देश पर DCP तिवारी का एक्शन
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के निर्देश पर साउथ-ईस्ट जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम लगातार लापता बच्चों और व्यक्तियों को ढूंढने में जुटी हुई है। उनकी सतर्कता, धैर्य और विभिन्न एजेंसियों के साथ बेहतरीन तालमेल से कई दिल छू लेने वाली कहानियां सामने आई हैं।
अलग-अलग थानों की पुलिस ने किया शानदार काम
हाल ही में बदरपुर पुलिस स्टेशन को 11 सितंबर 2025 को एक शिकायत मिली कि 2 नाबालिग भाई 10 सितंबर की सुबह से लापता हैं। पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज की और CCTV फुटेज के जरिए जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बच्चे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घूम रहे थे और जलपाईगुड़ी-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए थे। पुलिस टीम ने GRP और RPF के साथ मिलकर गाजियाबाद, बरेली, वाराणसी जैसे स्टेशनों के CCTV फुटेज चेक किए। आखिरकार, 1 अक्टूबर 2025 की देर रात अमृतसर के गोल्डन टेम्पल से दोनों भाइयों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बस स्टैंड, शेल्टर होम और धार्मिक स्थलों पर गुप्त रूप से पूछताछ करने पर यह सफलता मिली।
शाहीन बाग पुलिस स्टेशन ने भी 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत एक लापता नाबालिग को उसके परिवार से मिलवाया। इस मामले में पुलिस की सराहना करते हुए कहा, 'हम ऑपरेशन मिलाप के तहत लापता बच्चे को ढूंढने और उसे उसके परिवार से सुरक्षित रूप से मिलाने में दिल्ली पुलिस, पुलिस स्टेशन शाहीन बाग द्वारा किए गए त्वरित, पेशेवर और सहानुभूतिपूर्ण प्रयासों की तहे दिल से सराहना करता हूं। उनका समर्पण और टीम वर्क वास्तव में प्रशंसनीय है।'
जैतपुर पुलिस थाने ने एक 20 साल की लापता युवती को ट्रेस किया। टीम ने गहन जांच, अंतरराज्यीय कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया, जिससे लापता युवती का परिवार से पुनर्मिलन हुआ। पुलिस की प्रशंसा में कहा गया, 'मैं दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस स्टेशन जैतपुर की 20 वर्षीय लापता लड़की को ढूंढने में की गई त्वरित, सावधानीपूर्वक और अथक प्रयासों के लिए हार्दिक सराहना करता हूं। टीम की गहन जांच, अंतरराज्यीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण के कारण ही लड़की की सुरक्षित बरामदगी हुई और वह अपने परिवार से मिल पाई।'
बदरपुर पुलिस स्टेशन ने एक परित्यक्त 7 वर्षीय बच्ची के बारे में सूचना मिलते ही सराहनीय सतर्कता दिखाई। सामुदायिक संपर्क, आरडब्ल्यूएस (RWAS), आस-पास के पुलिस स्टेशनों और स्थानीय मस्जिदों के साथ समन्वय के माध्यम से, टीम ने ऑपरेशन मिलाप के तहत सफलतापूर्वक परिवार का पता लगाया और बच्ची को उसके माता-पिता से सुरक्षित रूप से मिला दिया।
सुनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन ने एक 4 साल के बच्चे को 2.5 घंटे के अंदर CCTV विश्लेषण से ढूंढ निकाला। मां ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताते हुए कहा, 'मैं दिल्ली पुलिस के सनलाइट कॉलोनी थाने के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे मेरे 4 वर्षीय लापता बच्चे से मिलवाया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और कई सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। शिकायत दर्ज करने के ढाई घंटे के भीतर ही पुलिस टीम ने मेरे लापता बच्चे को ढूंढ लिया।'
लाजपत नगर पुलिस स्टेशन ने सेंट्रल मार्केट की भारी भीड़ में लापता 10 साल के बच्चे को बड़े पैमाने पर सर्च और त्वरित एक्शन से परिवार से मिलवाया। पुलिस की तारीफ करते हुए बच्चे की मां ने कहा, 'लाजपत नगर पुलिस स्टेशन के पिंक बूथ पुलिसकर्मियों का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने सेंट्रल मार्केट की भारी भीड़ में मेरे खोए हुए बच्चे को ढूंढ निकाला। उनकी त्वरित कार्रवाई और गहन खोजबीन मेरे 10 वर्षीय बच्चे को मुझसे मिलाने में बेहद मददगार साबित हुई।'
एक अन्य मामले में पुलिस टीम ने हॉस्टल अथॉरिटी से संपर्क कर एक बच्ची को उसके पिता से मिलवाया, जिसमें उनकी सतर्कता और समन्वय की बहुत प्रशंसा हुई। परिजन ने पुलिस की तरीफ करते हुए कहा, 'हम पुलिस टीम की सतर्कता, धैर्य और अच्छे तालमेल की दिल से बहुत तारीफ करते हैं। उन्होंने हमारी बच्ची को बहुत जल्दी ढूंढ निकाला, पूरी तरह जांच-पड़ताल की, स्कूल और हॉस्टल वालों से बात की और मेरी बच्ची को परिवार से सुरक्षित मिलवाया। पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया और दिखाया कि वे कितने प्रोफेशनल और दया से भरे हुए हैं।'
2025 और 2026 के आंकड़े कहते हैं सफलता की दास्तान
साउथ-ईस्ट जिले के रिकॉर्ड के अनुसार, 2025 में कुल 1,691 (431 नाबालिग और 1,260 वयस्क) लापता या अपहरण के मामले में रिपोर्ट हुए। 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत 1,200 लोगों (350 नाबालिग और 850 वयस्क) को सफलतापूर्वक ट्रेस कर परिवार से मिलवाया गया। 2026 में जनवरी से अब तक कुल 146 मामले रिपोर्ट हुए (53 नाबालिग और 93 वयस्क)। इनमें से 101 लोगों (38 नाबालिग और 63 वयस्क) को ट्रेस किया जा चुका है। ये कामयाबी गहन जांच, तकनीकी निगरानी, रेलवे पुलिस के साथ समन्वय, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी, चाइल्डलाइन और ग्राउंड लेवल सर्च से हासिल हुई है। ये आंकड़े और कहानियां साउथ-ईस्ट जिले की सक्रियता और 'ऑपरेशन मिलाप' की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।