नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर में 12 साल पहले अपनी मालकिन के घर आभूषणों की लूट को अंजाम देने के बाद नौकर फरार हो गया था। आरोपी नौकर को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बिहार के जमुई जिला निवासी 32 वर्षीय गौतम यादव को 30 सितंबर को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था और उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। यह मामला 8 मार्च 2013 को कीर्ति नगर थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ा है। उस समय गौतम यादव उसी घर में नौकर था, जहां उसने लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यादव ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की यह साजिश रची थी।
लूट की घटना के वक्त घर की मालकिन अकेली थी। अधिकारी ने बताया कि लुटेरों के गिरोह ने महिला के हाथ-पैर बांध दिए, उसका मुंह बंद कर दिया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। भागने से पहले सोने के दो कंगन, एक लॉकेट सहित सोने की जंजीर और एक अंगूठी लूट ली। पुलिस ने घटना के तुरंत बाद जांच शुरू की थी और उस समय गौतम यादव के दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी यादव फरार होने में कामयाब रहा।
फरार रहने के दौरान गौतम यादव लगातार पुलिस से बचने के लिए जगह बदल-बदल कर घूमता रहा। उसने तमिलनाडु, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में अपना ठिकाना बनाया और अंत में राजस्थान आकर रुक गया। पुलिस से पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने गांव से दूर रहा और इस दौरान उसने छोटे-मोटे काम किए, यहां तक कि ई-रिक्शा भी चलाया।
अधिकारी ने बताया कि यादव अशिक्षित है और वह बचपन में ही स्थानीय अपराधियों के संपर्क में आ गया था। जब उसने इस लूट को अंजाम दिया था, तब उसकी उम्र केवल 20 साल थी। उसे उसी घर में डाका डालने के लिए उकसाया गया था, जहां वह नौकरी करता था। (इनपुट- भाषा)
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