महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज प्लेन क्रैश में निधन हो गया। ये हादसा उनके गृह क्षेत्र बारामती में हुआ। इस दुखद हादसे से हर तरफ शोक की लहर है। इस दुर्घटना में प्लेन में मौजूद सभी पांच लोगों की मौत हो गई। बता दें कि आज अजित पवार की बारामती में एक सभा होने वाली थी। डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के कारण महाराष्ट्र में 3 दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया गया है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि राजकीय शोक क्या होता है और इस दौरान किन नियमों का पालन किया जाता है? अगर आप इससे अवगत नहीं हैं तो कोई बात नहीं, आज इस खबर के जरिए हम इससे भिज्ञ होंगे।
क्या होता है राजकीय शोक, क्या नियम फॉलो करने होते हैं इस दौरान?
- राज्यपाल, राज्य की किसी सम्मानित शख्सियत, मुख्यमंत्री या पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर पूरे राज्य में राजकीय शोक मनाया जाता है। इस दौरान कई तरह की चीजों खयाल रखना पड़ता है और कई सारे कई सारे नियमों का भी पालन किया जाता है। राजकीय शोक में "भारतीय ध्वज संहिता" के मुताबिक राष्ट्र ध्वज तिरंगा को आधा झुका दिया जाता है। लेकिन इससे पहले मातृभूमि के सम्मान में इसे मस्तूल के शीर्ष पर उठाया जाता है और फिर नीचे किया जाता है।
- राजकीय शोक के दौरान कुछ खास नियम फॉलो करने होते हैं, जैसे शोक की अवधि के दौरान कोई उत्सव नहीं मनाना। इस अवधि के दौरान सरकारी स्कूल, कालेज और दफ्तर या सरकारी समारोह में सांस्कृतिक प्रोग्राम भी आयोजित नहीं होते हैं।
- राजकीय शोक के दौरान फ्लैग कोड ऑफ इंडिया नियम के मुताबिक विधानसभा, सचिवालय सहित महत्वपूर्ण कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहते हैं।
कब नहीं मनया जाता शोक
गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय त्योहार के मौके पर कोई राजकीय शोक नहीं मनाया जाता है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने की घोषणा
डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन पर शोक जताते हुए फडणवीस ने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में "दुख की लहर" है। उन्होंने अजित पवार को एक मेहनती नेता के तौर पर याद किया और राज्य के लिए उनके योगदान को भी याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "आज हमने राज्य में छुट्टी घोषित की है, और तीन दिन के राजकीय शोक की भी घोषणा की गई है। यह पूरे महाराष्ट्र राज्य के लिए एक ऐसा नुकसान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।"
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