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चुनाव में वोटों की गिनती कैसे करते हैं? जानिए- क्या हैं नियम

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 10, 2020 09:50 pm IST,  Updated : Feb 10, 2020 10:15 pm IST

क्या आप जानते हैं कि चुनाव में वोटों की गिनती कैसे होती है? नहीं! तो कोई बात नहीं। इस रिपोर्ट में हम आपको चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती की प्रक्रिया और उसके नियमों के बारे में बताएंगे।

चुनाव में वोटों की गिनती कैसे करते हैं?- India TV Hindi
चुनाव में वोटों की गिनती कैसे करते हैं?

नई दिल्ली: क्या आप जानते हैं कि चुनाव में वोटों की गिनती कैसे होती है? नहीं! तो कोई बात नहीं। इस रिपोर्ट में हम आपको चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती की प्रक्रिया और उसके नियमों के बारे में बताएंगे। इसके साथ ही मतगणना को लेकर आपके मन में और भी जो सवाल होंगे, उनका जवाब भी आपको इस रिपोर्ट में मिल जाएगा।

कैसे तय होता है गिनती का समय और स्थान?

वोटों की गिनती का समय और स्थान निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव आयोग के नियम 51 के अनुसार तय किया जाता है। गिनती वाले दिन से कम से कम एक हफ्ते पहले इसके बारे में सभी उम्मीदवारों और उनके एजेंट्स को लिखित में दिया जाता है।

वोटिंग हॉल में कौन-कौन मौजूद रहता है?

वोटिंग हॉल में निर्वाचन अधिकारी, गिनती करने वाला स्टाफ, उम्मीदवार, उसके एजेंट और चुनाव आयोग द्वारा प्रमाणित सरकारी कर्मचारी ही मौजूद रह सकते हैं। आयोग के नियम 53 में इसका उल्लेख है।

वोटिंग हॉल में उम्मीदवार के कितने प्रतिनिधि हो सकते हैं?

इस सवाल का जवाब भारतीय चुनाव आयोग के नियम 52 में है। इसके मुताबिक, वोटिंग हॉल में एक उम्मीदवार अपने नीचे एजेंट्स की नियुक्ति कर सकता है। एक जगह पर 16 एजेंट्स की नियुक्त की जा सकती है। 

उम्मीदवार के प्रतिनिधि हॉल में क्यों होते हैं?

उम्मीदवारों के एजेंट हॉल में इसलिए मौजूद रहते हैं, ताकि वह नजर रख सकें कि उनके उम्मीदवार के वोट को गिनने में कोई लापरवाही तो नहीं की गई। सभी एजेंट निर्वाचन अधिकारी के पास बैठे होते हैं।

गिनती से पहले EVM की जांच होती है?

जरूर होती है। यह गिनती करने वाले स्टाफ और एजेंटों की जिम्मेदारी है कि वह गिनती शुरू होने से पहले जांच लें कि EVM से किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं की गई। अगर ऐसा होता है तो इसकी सूचना तुरंत चुनाव आयोग की दी जाती है।

कैसा होता है वो हॉल जहां वोटों की गिनती होती है?

एक हॉल में अधिकतम 14 टेबल लगवाए जाने की प्रावधान है। इन 14 टेबल्स के अलावा 1 टेबल निर्वाचन अधिकारी और 1 समीक्षक के लिए दी जाती है। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2009 में गिनती के दौरान एक हॉल में 25 टेबल्स लगाने की अनुमति भी दी थी, क्योंकि वह हॉल्स बहुत बड़े थे।

कहां की जाती है वोटों की गिनती?

वोटों की गिनती के लिए ज्यादातर स्कूल, कम्युनिटी सेंटर या जिला कार्यालय के ऑफिस को चुना जाता है। ऐसा इसलिए हो है क्योंकि वोटों की गिनती के लिए ऐसी जगह चाहिए होती हैं जहां टेबल कुर्सियों की व्यवस्था आसानी की करवाई जा सके।

हॉल मे कैमरे का इस्तेमाल होता है?

हां, लेकिन सिर्फ आधिकारिक व्यक्ति द्वारा पूरे हॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है। इसके अलावा किसी को कैमरा चलाने की इजाजत नहीं होती। 

पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होता है या ईवीएम की?

नियम 54A के अनुसार, पहले पोस्टल बैलेट और फिर EVM के वोटों की गिनती होती है। पोस्टल बैलेट हमेशा पहले ही गिने जाते हैं। पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होने के 30 मिनट बाद ही EVM के वोटों की गिनती शुरू होती है।

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