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Explainer: यूक्रेन में 6 साल से क्यों नहीं हुए चुनाव, जानिए राष्ट्रपति जेलेंस्की का तर्क

 Published : Feb 23, 2025 06:43 pm IST,  Updated : Feb 23, 2025 06:43 pm IST

रूस और यूक्रेन की जंग के बीच चुनाव को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जेलेंस्की चुनावों के बिना एक तानाशाह हैं। चलिए ऐसे में आपको बताते हैं कि यूक्रेन में चुनाव क्यों नहीं हो पाए हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की- India TV Hindi
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की Image Source : AP

Elections In Ukraine: एक वक्त था जब अमेरिका रूस के खिलाफ जंग में यूक्रेन की हर तरह से मदद कर रहा था लेकिन अब वक्त बदल चुका है। अमेरिका में हुए चुनाव के बाद डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बने जिसके बाद से हालात अलग ही नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को बिना चुनाव का तानाशाह बताया है। ट्रंप ने कहा था कि जेलेंस्की चुनाव कराने से इनकार करते हैं। जेलेंस्की चुनावों के बिना एक तानाशाह हैं। बेहतर होगा कि वह जल्दी से चुनाव की ओर आगे बढ़ें।

चुनाव को लेकर क्या बोले जेलेंस्की

डोनाल्ड ट्रंप ने सुझाव दिया था कि यूक्रेन को चुनाव कराने चाहिए, जो युद्ध और मार्शल लॉ के कारण अभी तक नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा था कि चुनाव यूक्रेनी संविधान के अनुसार होने चाहिए। जेलेंस्की ने इसके जवाब में कहा था कि युद्ध के कारण यूक्रेनी जनता की राय और अप्रूवल रेटिंग सही नहीं हो सकती।  तो चलिए ऐसे में आपको बताते हैं कि यूक्रेन में चुनाव क्यों नहीं हुए हैं। 

मार्शल लॉ के दौरान नहीं हो सकता चुनाव

यूक्रेन में पिछले छह वर्षों से चुनाव नहीं हुए हैं, जिसका मुख्य कारण 2022 में रूस के आक्रमण के बाद से देश में लागू मार्शल लॉ है। यूक्रेनी कानून के अनुसार, मार्शल लॉ के दौरान चुनाव कराना निषिद्ध है। मार्शल लॉ के तहत, नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रताओं पर कुछ प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित होती है।

यूक्रेन के नागरिक
Image Source : APयूक्रेन के नागरिक

बड़ी संख्या में विस्थापित हुए हैं नागरिक 

मार्शल लॉ के दौरान चुनाव ना कराने के पीछे कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं। नियमित हवाई हमलों के कारण मतदान केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन है। इसके अलावा, युद्ध के चलते बड़ी संख्या में नागरिक विस्थापित हुए हैं, जिससे उनके लिए अपने मतदान क्षेत्रों में लौटकर मतदान करना असंभव हो गया है। यूक्रेन में अनुपस्थित मतदान (एब्सेंटी वोटिंग) की प्रणाली भी नहीं है, जो इन विस्थापित नागरिकों को मतदान का अधिकार प्रदान कर सके।

क्या संभव है यूक्रेन में चुनाव?

यूक्रेन के भीतर, तत्काल चुनाव कराने की मांग व्यापक नहीं है। अधिकांश नागरिक और राजनीतिक समूह मानते हैं कि युद्ध और मार्शल लॉ की स्थिति में चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने संकेत दिया है कि युद्ध समाप्त होने और मार्शल लॉ हटने के बाद चुनाव कराए जा सकते हैं। इससे पहले, चुनाव कराना ना केवल कानूनी बाधाओं का सामना करेगा, बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण भी संभव नहीं होगा।

युद्ध है बड़ी वजह

यूक्रेन में पिछले छह वर्षों से चुनाव ना होने का मुख्य कारण मार्शल लॉ और उससे उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक चुनौतियां हैं, जो वर्तमान युद्ध स्थिति के परिणामस्वरूप हैं। वैसे ट्रंप के दबाव के कारण या तो जेलेंस्की जल्द चुनाव करवाएंगे या फिर अमेरिका की नाराजगी मोल लेंगे। अगर चुनाव होते हैं तो यह देखना दिलचस्प होगा कि यूक्रेन किस दिशा में आगे बढ़ता है। 

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