UPI ऐप्स के ये 5 फायदे शायद ही जानते होंगे आप! बेहद उपयोगी और फायदेमंद हैं
UPI ऐप्स के ये 5 फायदे शायद ही जानते होंगे आप! बेहद उपयोगी और फायदेमंद हैं
खर्चों की ट्रैकिंग और कैटेगराइजेशन: ज्यादातर UPI ऐप्स आपके खर्चों को ऑटोमैटिकली कैटेगराइज़ कर देते हैं – जैसे ग्रॉसरी, ट्रैवल, यूटिलिटी बिल्स आदि। ये ऐप्स साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट्स के साथ-साथ मंथली स्पेंड चार्ट और मर्चेंट-वाइज टोटल भी दिखाते हैं। बजटिंग के लिहाज से ये फीचर बेहद मददगार है। इससे आपको यह जानने में आसान
Published : Aug 27, 2025 04:51 pm IST, Updated : Aug 27, 2025 04:51 pm IST
1/5Image Source : Freepik
खर्चों की ट्रैकिंग और कैटेगराइजेशन: ज्यादातर UPI ऐप्स आपके खर्चों को ऑटोमैटिकली कैटेगराइज़ कर देते हैं – जैसे ग्रॉसरी, ट्रैवल, यूटिलिटी बिल्स आदि। ये ऐप्स साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट्स के साथ-साथ मंथली स्पेंड चार्ट और मर्चेंट-वाइज टोटल भी दिखाते हैं। बजटिंग के लिहाज से ये फीचर बेहद मददगार है। इससे आपको यह जानने में आसानी होती है कि पैसा कहां 'लीक' हो रहा है। आप हर कैटेगरी के लिए मासिक सीमा तय कर सकते हैं और बीते महीने की तुलना कर सकते हैं। साथ ही, ये उन सब्सक्रिप्शनों को भी सामने लाते हैं जिन्हें आप भूल चुके हैं।
2/5Image Source : Freepik
रेगुलर पेमेंट्स/ऑटो-डेबिट्स: UPI AutoPay की मदद से आप किराया, OTT सब्सक्रिप्शन, SIP, इंश्योरेंस जैसे फिक्स खर्चों के लिए मैंडेट बना सकते हैं। एक बार ऑथेंटिकेशन के बाद, पेमेंट तय समय पर खुद हो जाएगा। आप रकम, समय और वैलिडिटी खुद तय करते हैं और जरूरत पड़ने पर ऐप से इसे रोक या कैंसिल भी कर सकते हैं। इस तरह की ऑटोमेशन आपके जरूरी खर्चों को समय पर निपटाता है, लेट फी से बचाता है और मानसिक बोझ भी घटाता है। जब फिक्स खर्च पहले ही कट जाएं, तो बाकी बचे पैसों की योजना बनाना आसान हो जाता है।
3/5Image Source : freepik
डेली या ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें: कई UPI ऐप्स में आप डेली खर्च की लिमिट या हर ट्रांजैक्शन की सीमा तय कर सकते हैं। आप हाई-वैल्यू पेमेंट्स पर एक्स्ट्रा सिक्योरिटी चेक भी लगा सकते हैं। यह एक तरह का "डिजिटल लिफाफा सिस्टम" है – जिससे अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगती है। खासकर जब डिस्काउंट सेल जैसी चीजें आपको लुभाएं, तो ये लिमिट आपके बजट को बचाने का काम करती है।
4/5Image Source : PTI
रियल-टाइम अलर्ट्स और नोटिफिकेशन: हर डेबिट, क्रेडिट, कलेक्ट रिक्वेस्ट या मांडेट बदलाव पर UPI तुरंत अलर्ट भेजता है। कई ऐप्स लो-बैलेंस नोटिफिकेशन और बिल पेमेंट रिमाइंडर भी भेजते हैं। ये रियल-टाइम अपडेट आपको हर एक रुपये पर नज़र रखने में मदद करते हैं। इससे आप खर्चों का मिलान कर सकते हैं, डुप्लीकेट पेमेंट्स से बच सकते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन ले सकते हैं।
5/5Image Source : NPCI
सिबिल स्कोर चेक और लोन प्लानिंग की सुविधा: कई UPI ऐप्स में अब आप CIBIL स्कोर चेक कर सकते हैं और अपनी क्रेडिट हेल्थ को समझ सकते हैं। इससे किसी इमरजेंसी खर्च की स्थिति में आप समझ सकते हैं कि लोन लेने की पात्रता कितनी है और EMI किस तरह से फिट बैठेगी।