1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. स्पोर्ट्स
  4. विंबलडन से जुड़ी 5 दिलचस्प बातें, जो शायद ही आप जानते होंगे

विंबलडन से जुड़ी 5 दिलचस्प बातें, जो शायद ही आप जानते होंगे

Written By: Vanson Soral @VansonSoral
Published : Jun 30, 2025 10:09 pm IST,  Updated : Jun 30, 2025 10:11 pm IST
टेनिस प्रेमियों के लिए विंबलडन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक परंपरा है। हर साल लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले जाने वाले इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट की अपनी खास शानोशौकत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विंबलडन से जुड़ी कई ऐसी अनसुनी और रोचक बातें भी हैं, जिनसे बहुत कम लोग वाकिफ हैं? आइए जानते हैं विंबलडन से जुड़ी 5 अनजानी बातें
1/6 Image Source : GETTY
टेनिस प्रेमियों के लिए विंबलडन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक परंपरा है। हर साल लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले जाने वाले इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट की अपनी खास शानोशौकत है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विंबलडन से जुड़ी कई ऐसी अनसुनी और रोचक बातें भी हैं, जिनसे बहुत कम लोग वाकिफ हैं? आइए जानते हैं विंबलडन से जुड़ी 5 अनजानी बातें
विंबलडन दुनिया का इकलौता टेनिस टूर्नामेंट है, जहां खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस पहनना अनिवार्य है। सिर्फ जूते, हेडबैंड और एक्सेसरीज़ भी ज्यादातर सफेद होने चाहिए। नियम के मुताबिक, खिलाड़ी की पोशाक में सिर्फ एक मिलीमीटर तक ही रंगीन पट्टी की अनुमति होती है।
2/6 Image Source : Getty
विंबलडन दुनिया का इकलौता टेनिस टूर्नामेंट है, जहां खिलाड़ियों के लिए सफेद ड्रेस पहनना अनिवार्य है। सिर्फ जूते, हेडबैंड और एक्सेसरीज़ भी ज्यादातर सफेद होने चाहिए। नियम के मुताबिक, खिलाड़ी की पोशाक में सिर्फ एक मिलीमीटर तक ही रंगीन पट्टी की अनुमति होती है।
विंबलडन में स्ट्रॉबेरी और क्रीम खाना एक परंपरा है। हर साल यहां करीब 20 टन स्ट्रॉबेरी खाई जाती है। दर्शक और खिलाड़ी, दोनों इस मीठे और ताजा स्नैक का लुत्फ उठाते हैं। यह सिलसिला 1800 के दशक से चला आ रहा है।
3/6 Image Source : Getty
विंबलडन में स्ट्रॉबेरी और क्रीम खाना एक परंपरा है। हर साल यहां करीब 20 टन स्ट्रॉबेरी खाई जाती है। दर्शक और खिलाड़ी, दोनों इस मीठे और ताजा स्नैक का लुत्फ उठाते हैं। यह सिलसिला 1800 के दशक से चला आ रहा है।
हालांकि अब सेंटर कोर्ट और नंबर वन कोर्ट पर रिट्रैक्टेबल रूफ (छत) लगा दी गई है, लेकिन लंबे समय तक विंबलडन बारिश में रुक जाने वाला एकमात्र ग्रैंड स्लैम था। लंदन की बदलती मौसम की वजह से कई मैच घंटे और कभी-कभी दिन भर तक के लिए टल जाते थे।
4/6 Image Source : Getty
हालांकि अब सेंटर कोर्ट और नंबर वन कोर्ट पर रिट्रैक्टेबल रूफ (छत) लगा दी गई है, लेकिन लंबे समय तक विंबलडन बारिश में रुक जाने वाला एकमात्र ग्रैंड स्लैम था। लंदन की बदलती मौसम की वजह से कई मैच घंटे और कभी-कभी दिन भर तक के लिए टल जाते थे।
दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में विजेताओं को मैच जीतने के बाद ऑन-कोर्ट प्राइज मनी दी जाती है, लेकिन विंबलडन में ऐसा नहीं होता। विजेताओं को सिर्फ ट्रॉफी दी जाती है और प्राइज मनी का चेक उन्हें बाद में निजी रूप से सौंपा जाता है।
5/6 Image Source : Getty
दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में विजेताओं को मैच जीतने के बाद ऑन-कोर्ट प्राइज मनी दी जाती है, लेकिन विंबलडन में ऐसा नहीं होता। विजेताओं को सिर्फ ट्रॉफी दी जाती है और प्राइज मनी का चेक उन्हें बाद में निजी रूप से सौंपा जाता है।
ऑल इंग्लैंड क्लब में लगी प्रसिद्ध विंबलडन क्लॉक Rolex कंपनी द्वारा 1978 में लगाई गई थी। यह घड़ी टूर्नामेंट का एक अहम हिस्सा है और हर साल लाखों दर्शक इसका वक्त देखकर अपने पसंदीदा मुकाबलों की तैयारी करते हैं। इन सभी बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विंबलडन सिर्फ खेल नहीं, बल्कि शाही परंपराओं, सख्त नियमों और अनोखी परंपराओं का संगम है। यही वजह है कि यह दुनिया के सबसे पुराने और खास ग्रैंड स्लैम के तौर पर आज भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
6/6 Image Source : Getty
ऑल इंग्लैंड क्लब में लगी प्रसिद्ध विंबलडन क्लॉक Rolex कंपनी द्वारा 1978 में लगाई गई थी। यह घड़ी टूर्नामेंट का एक अहम हिस्सा है और हर साल लाखों दर्शक इसका वक्त देखकर अपने पसंदीदा मुकाबलों की तैयारी करते हैं। इन सभी बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विंबलडन सिर्फ खेल नहीं, बल्कि शाही परंपराओं, सख्त नियमों और अनोखी परंपराओं का संगम है। यही वजह है कि यह दुनिया के सबसे पुराने और खास ग्रैंड स्लैम के तौर पर आज भी अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
Advertisement