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Gujarat News: जब भरी सभा में शिक्षा मंत्री ने महिला सरपंच से 'घूंघट' हटाने को कहा, जानें फिर क्या हुआ

 Written By: Khushbu Rawal
 Published : Jun 24, 2022 05:18 pm IST,  Updated : Jun 24, 2022 05:18 pm IST

राजपूत समुदाय की 35 वर्षीय मीनाबा जाला बृहस्पतिवार को रणतेज गांव में वघानी के अभिनंदन समारोह में उन्हें एक स्मृति चिह्न भेंट करने आईं, तब मंत्री जीतू वघानी ने देखा कि उन्होंने साड़ी से अपना चेहरा ढ़क रखा है।

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Jitu Vaghani Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • गुजरात के मेहसाणा जिले के रणतेज गांव की घटना
  • महिला सरपंच ने साड़ी से अपना चेहरा ढ़क रखा था
  • हम सभी को बदलते समय के साथ ढ़लने की जरुरत- वघानी

Gujarat News: गुजरात के मेहसाणा जिले में एक कार्यक्रम में राज्य के शिक्षा मंत्री जीतू वघानी की अपील करने पर एक रूढ़िवादी समुदाय की सरपंच ने अपना घूंघट हटा लिया। राजपूत समुदाय की 35 वर्षीय मीनाबा जाला बृहस्पतिवार को रणतेज गांव में वघानी के अभिनंदन समारोह में उन्हें एक स्मृति चिह्न भेंट करने आईं, तब मंत्री ने देखा कि उन्होंने साड़ी से अपना चेहरा ढ़क रखा है। तब वघानी ने हल्के अंदाज में कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि उन्हें कम से कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपना चेहरा नहीं ढ़कना चाहिए। यह बस मेरा अनुरोध है और इस पर निर्णय लेना बड़े -बुजुर्गों पर निर्भर करता है।’’

शिक्षा मंत्री ने कह दी बड़ी बात

जब दर्शक में किसी ने कहा कि वे राजपूत समुदाय से आते हैं इसलिए उनकी महिलाएं घूंघट में रहती हैं, तब मंत्री ने कहा, ‘‘यह जाति के बारे में नहीं है। मैं मीनाबा से घूंघट हटाने का अनुरोध करता हूं। मैं इस प्रथा के विरूद्ध नहीं हूं लेकिन हम सभी को बदलते समय के साथ ढ़लने की जरुरत है। यह मेरा बस अनुरोध है और गांव के बड़े-बुजुर्गों को ही इस इस पर कोई अंतिम फैसला करना है। अपनी महिलाओं को इस प्रथा से बाहर लाइए। उन्हें बराबर बनाइए।’’

जानें क्या कहा महिला सरपंच ने
वघानी के सुझाव से संतुष्ट होकर दर्शकों में राजपूत समुदाय के गौभा जाला नामक एक बुजुर्ग ने महिला सरपंच को घूंघट हटाने की अनुमति दी। घूंघट हटाने के बाद महिला सरपंच के लिए मंच के किनारे एक कुर्सी रखी गई जिस पर वह बैठी थीं। इस पूरी घटना पर बोलते हुए महिला सरपंच मीनाबा ने कहा, ‘‘वघानी ने मुझसे कम से कम तब इस प्रथा से बाहर आने की अपील की जब मैं बतौर सरपंच सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही होती हूं। उन्होंने दर्शकों में बैठे इस समुदाय के बड़े-बुजुर्गों से समानता के लिए आगे आने एवं इस प्रथा को त्यागने की भी अपील की। किसी पर दबाव डाले बगैर वघानी ने कहा कि ग्रामीणों को ही इस पर फैसला करने की जरूरत है।’’

रणतेज गांव की पहली महिला सरपंच मीनाबा ने कहा कि मंत्री को आश्वासन दिया गया कि गांव में राजपूत महिलाएं अब सार्वजनिक जगहों पर चेहरा नहीं ढकेंगी और बस घर में घूंघट प्रथा का पालन करेंगी।

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