हरियाणा के भिवानी में महिला शिक्षिका की मौत को लेकर छात्रों ने लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। सड़क पर उतरे छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया और मनीषा के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारियों के सस्पेंशन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। इस मामले हरियाणा महिला आयोग ने भी दुख जताया है। राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा कि पिछले तीन-चार दिन से यह मामला हत्या और शोषण का सामने उभर कर आ रहा था, लेकिन कल से इस मामले में नया मोड़ आया है। मनीषा के बैग से सुसाइड नोट मिलने के बाद यह सवाल खड़ा होता है कि यह आत्महत्या है या हत्या।
रेनू भाटिया ने कहा कि दोनों ही हालातों में यह एक दर्दनाक मामला है। पुलिस अपनी छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग लगातार पुलिस प्रशासन के संपर्क में है और इस मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ अपनी नजर बनाए हुए है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट आ चुकी है, जबकि एक रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। उस रिपोर्ट के आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी की यह हत्या है या आत्महत्या और अगर हत्या है तो किस तरीके से की गई है? इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा राज्य महिला आयोग और भिवानी पुलिस इस मामले में पूरी सख्ती से अपनी अपनी कार्रवाई कर रही है।
‘प्लेस्कूल’ की 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा का शव 13 अगस्त को भिवानी जिले के सिंघानी गांव के एक खेत में मिला था। उसकी गला काटकर हत्या की गई थी। उसके परिवार के सदस्यों ने पुलिस पर मामले में शिकायत दर्ज करने में देरी करने का आरोप लगाया और हत्यारे की गिरफ्तारी होने तक उसका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मनीषा 11 अगस्त को स्कूल से निकलकर पास के एक नर्सिंग कॉलेज में गई थी, लेकिन वह घर नहीं लौटी। कांग्रेस महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि इस हत्या ने पूरे देश को झकझोरकर रख दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा, "पुलिस ने यह कहकर मामले को टाल दिया कि 'लड़की भाग गई होगी, वह खुद ही वापस आ जाएगी।' अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद मनीषा आज जिंदा होती।"
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