कोरोना मामलों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। साथ ही देश में वैक्सीनेशन अभियान भी चलाया जा रहा है। कई शहरों में अब अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ऐसे में ये सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोग कोविड नियमों के प्रति लापरवाही न बरतें जिससे कोरोना को हराया जा सके। इसके लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामी विकास मंत्रालय के एक ट्वीट के माध्यम से ये संदेश दिया गया है कि कोरोना से बचने के लिए लोगों से मिलने- जुलने से बचना चाहिए। अगर मिलना जरूरी हो तो मास्क या गमछे से मुंह और नाक अच्छी तरह ढंककर ही जाना चाहिए।
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि वायरस की लहर का वेरिएंट मानव स्वभाव के अनुसार बदलता है, जिसे कोविड अनुरूप व्यवहार और टीकाकरण से ही कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी आंकड़ों के अनुसार देश में सक्रिय मामलों में 65% की कमी आई है जो कि एक सुखद संकेत है। 10 मई को देश में 37.45 लाख सक्रिय मामले दर्ज़ थे, लेकिन आज एक्टिव केस 13,03,702 हैं।
नीति आयोग और पीरामल फाउंडेशन ने सुरक्षित हम सुरक्षित तुम अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान के तहत कोरोना वायरस से संक्रमित होम आइसोलेट लोगों को होम केयर सपोर्ट दिया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि #COVID19 से ठीक होने के बाद भी अगर आपको सांस लेने में कठिनाई, सूखी खांसी, थकावट, जोड़ों का दर्द जैसी समस्या है तो बिल्कुल न घबराएं।
अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें और उनकी सलाह का पालन करें।
सोशल मीडिया पर #कोविड19 के इलाज के लिए कई नुस्ख़े वायरल हो रहे हैं। इन वायरल नुस्खों की सच्चाई जानने के लिए यह #PIBFacTree देखें
कोरोना के उपचार के लिए चिकित्सकीय परामर्श ज़रूरी है।
ऐसे घरेलू नुस्ख़े कभी-कभी सहायक होने की जगह हानिकारक हो सकते हैं।
देश में कोरोना वायरस के पिछले 61 दिनों में सबसे कम मामले दर्ज हुए हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के एक लाख छह सौ मामले दर्ज हुए और 2427 मरीजों ने दम तोड़ा।
कोविड-19 से लोगों के स्वास्थ्य पर तो बुरा असर पड़ा ही है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य पर भी इस संक्रमण का प्रभाव देखने को मिला है। बहुत से लोगों के मन में डर बैठ गया है। जिससे अनिद्रा की समस्या सहित कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां देखने को मिली हैं। लेकिन, वैक्सीन आने के बाद से ही एक उम्मीद जगी और इसे कायम रखना बेहद जरूरी है। इस मुश्किल घड़ी में सरकार की ओर से भी लोगों को वैक्सीनेशन के प्रति प्रोत्साहित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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