डायबिटीज में खाने वाले फल: क्या आपको डायबिटीज की बीमारी है? ऐसे में किसी भी चीज को खाने से पहले इसका जीआई इंडेक्स (GI Index) देखना बेहद जरूरी है। दरअसल, GI Index का मतलब है कि ग्लाइसेमिक इंडेक्स (glycemic index) जो कि आपके शुगर लेवल को प्रभावित करता है। अगर किसी खीने की चीज का जीआई इंडेक्स हाई (High GI) है तो यानी ये शरीर में शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है। अगर किसी का जीआई इंडेक्स लो है (low GI) तो, ये शुगर को आराम से और धीमी गति से बढ़ाएगा। इससे खून में अचानक से शुगर नहीं बढ़ेगा जिससे आप डायबिटीज के शिकार नहीं होंगे या आपका डायबिटीज मैनेज रहेगा। तो, आइए जानते हैं उन लो जीआई फलों (low glycemic fruits), जिनका सेवन डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 25 होता है और शुगर के मरीजों के लिए ये फल काफी फायदेमंजद भी है। दरअसल, इस फल का गूदा और छाल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो कि शुगर मैनेज करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भी ये इंसुलिन बढ़ाने में भी मददगार है और इसलिए डायबिटीज के मरीजों को ये खाना चाहिए।
ताजा खुबानी का जीआई स्कोर 34 है। ये कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों में आते हैं। सूखे खुबानी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और भी कम यानी 30 है, जो इसे कम ग्लाइसेमिक फल बनाता है। आप डायबिटीज में इन दोनों ही चीजों का आराम सेवन कर सकते हैं।

नाशपाती एक कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल है जो कि शुगर कंट्रोल करने में काफी मददगार है। एक मध्यम आकार का नाशपाती ग्लाइसेमिक इंडेक्स पर 38 है यानी कि ये धीमी गति से ब्लड शुगर बढ़ाता है। पर ये नेचुरल शुगर है इसलिए आसानी से पच भी जाता है और डायबिटीज में नुकसानदेह नहीं है।
एवोकाडो का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 है यानी कि ये शुगर स्पाइक को धीमा रखता है और डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करता है। इसके अलावा एवोकाडो कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स से भरपूर है जो कि सेहत के लिए कई प्रकार से काम कर सकता है। तो, डायबिटीज में इन फलों का सेवन करें और शुगर को संतुलित रखें।
संपादक की पसंद