Neck Pain को हल्के में लेने से हो सकती है गंभीर बीमारी, जानें कारण और बचाव के तरीके
Neck Pain को हल्के में लेने से हो सकती है गंभीर बीमारी, जानें कारण और बचाव के तरीके
Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Feb 20, 2021 11:55 pm IST,
Updated : Feb 20, 2021 11:55 pm IST
आज के समय में गर्दन दर्द की समस्या बहुत आम हो गई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है मोबाइल और लैपटाप का इस्तेमाल करते समय झुक कर बैठना।
Image Source : INSTAGRAM/BUTLERCHIROPRACTIC_AUSTRALIA
गर्दन दर्द को हल्के में ना लें
गर्दन में दर्द की बहुत आम हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है वर्किंग लाइफस्टाइल। घंटों मोबाइल और लैपटाप पर बितानें से शरीर पर कई तरह का असर पड़ता है। इनमें से सबसे कॉमन है बॉडी पेन जिसमें गर्दन, कमर और बैक पेन शामिल है। गलत बॉडी पॉश्चर या झुक कर बैठने से ये समस्या होती है। बहुक से लोग इसे सामान्य दर्द समझकर इग्नोर कर देते हैं और समय रहते इलाज नहीं करवाते हैं। कई बार आगे जाकर यही समस्या गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती हैं।
मांसपेशियों में खिंचाव- पॉस्चर सही ना होने या बिना पोजिशन चेंज किए लगातार घंटो डेस्क वर्क करने, सोते वक्त गर्दन की पोजिशन सही ना होने या फिर एक्सरसाइज करते वक्त गर्दन में तेज झटका लगने की वजह से गर्दन की मांसपेशियों में तनाव या खिंचाव आ जाता है और इसी वजह से तेज दर्द महसूस होने लगता है।
किसी तरह की चोट- अगर आप गिर जाते हैं, कार एक्सिडेंट होता है या फिर स्पोर्ट्स के दौरान कोई चोट लगती है तो इस दौरान गर्दन में चोट लगने का खतरा सबसे अधिक होता है क्योंकि इस तरह की चोट में गर्दन की मांसपेशियां और लिगामेंट्स सामान्य से अधिक फोर्स के साथ हिल जाती है। सिर में अचानक झटका लगने की वजह से भी गर्दन में दर्द हो सकता है।
हार्ट अटैक- आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन गर्दन का दर्द हार्ट अटैक का भी एक लक्षण है। हालांकि, यह एक मात्र लक्षण नहीं है क्योंकि गर्दन में दर्द के साथ ही आपको सांस लेने में तकलीफ, पसीना आना, जी मिचलाना, उल्टी आना, बाजू या जबड़े में दर्द जैसे लक्षण भी महसूस होंगे
इसके अलावा रुमेटाइड आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, फाइब्रोमायल्जिया, स्पॉन्डिलाइसिस, स्पाइनल स्टेनोसिस जैसी बीमारियों की वजह से भी गर्दन में दर्द की दिक्कत हो सकती है।
अपना पॉस्चर हमेशा सही रखें। बैठने या खड़े रहने के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि आपके कंधे आपके हिप्स के ऊपर स्ट्रेट लाइन में हों और आपके कान आपके कंधे के ठीक ऊपर।
आप चाहे कोई भी काम करें, किसी भी एक पोजिशन में बहुत अधिक समय तक न रहें। अगर सीधे बैठे हैं तो घंटों तक वैसे ही बैठे न रहें, थोड़ा ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं हो लें। हर 20-25 मिनट में एक बार अपनी जगह से उठकर गर्दन और कंधे को हिला लें।
अपने शरीर का पूरा ध्यान रखें, रोज एक्सरसाइज करें, दौड़ें, लेटें, स्ट्रेचिंग करें, योग करें और वो एक्सरसाइज तो जरूर करें जो आपकी गर्दन के दर्द में आराम दे।
अपनी डेस्क, कुर्सी और कम्प्यूटर को अपने शरीर के हिसाब से अडजस्ट करें ताकि वह आपके आई लेवल पर रहे और कुर्सी के हैंडल पर अपना हाथ रखें।