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आंसुओं से होगा कैंसर से लेकर इन बीमारियों का टेस्ट, बिना चीर-फाड़ के कम खर्च में होता है Tear Test

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Bharti Singh
 Published : Sep 23, 2025 01:02 pm IST,  Updated : Sep 23, 2025 01:02 pm IST

Tear Testing: अब बिना किसी चीर-फाड़ के सिर्फ आंसुओं से कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। टीयर टेस्ट से कैंसर से लेकर रूमेटॉयड आर्थराइटिस और इंफ्लेमेटरी डिजीज का शुरुआती स्टेज में पता चल सकता है। जानिए कब तक मार्केट में आएगा ये टेस्ट।

आंसुओं से बीमारियों का टेस्ट- India TV Hindi
आंसुओं से बीमारियों का टेस्ट Image Source : FREEPIK

आंसू जिन्हें शायरों ने कभी मोहब्बत का इजहार बताया, तो कभी दर्द का आईना, लेकिन अब साइंस इन्हें सेहत का सिग्नल मान रही है। जी हां आंसू सिर्फ भावनाएं नहीं बताते, अब ये कई गंभीर बीमारियों का राज खोल सकते हैं। कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, रूमेटॉयड आर्थराइटिस, ग्लूमोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी, अब बस सिर्फ कुछ बूंद आंसू और पलक झपकते ही आपके शरीर के छिपे राज सामने आ सकते हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर हेल्थ एक्सपर्ट के लिए आंसू इतने बड़े 'डायग्नोस्टिक टूल' कैसे बन गए? दरअसल, बॉडी पर बीमारी के सिम्टम्स दिखाई दें, उससे कहीं पहले आंसू उन्हें भांप लेते हैं और आंसुओं की टेस्टिंग से बीमारियों का पता काफी पहले चल सकता है। 

मतलब ये कि आंसू बन जाते हैं 'अर्ली वॉर्निंग सिस्टम' खासकर 'रूमेटॉयड आर्थराइटिस' और इंफ्लेमेटरी डिजीज की शुरुआती पहचान करने में। सबसे बड़ी बात ये टेस्ट 'नॉन-इनवेसिव' हैं यानि बिना चीर-फाड़ के ट्रेडिशनल टेस्ट से भी कम खर्चीले होते हैं और सिर्फ 90 मिनट में 'बायोमोलेक्यूलर रिपोर्ट' हाथ में आ जाती है! हेल्थ एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि सिर्फ 'रूमेटॉयड आर्थराइटिस' और इंफ्लेमेटरी डिजीज ही नहीं अल्जाइमर जैसी बीमारी, जिसकी शुरुआती पहचान नामुमकिन है। वो भी अब आंसुओं से पकड़ी जा सकती है। 

आंसुओं से होगी बीमारियों की जांच

साइंटिस्ट ने आंसुओं में 'टाउ प्रोटीन' (Tau protein) ढूंढ निकाला है जो अल्जाइमर का सबसे खास मार्कर है। यानि अगर वक्त रहते पहचान हो गई, तो दिमाग को परमानेंट डैमेज होने से बचाया जा सकता है। इतना ही नहीं, आंसू के जरिए 'ब्रेस्ट और ओवरी' कैंसर को शुरुआती दौर में भी पहचानने में मदद मिलेगी। 'डायबिटीज' और 'ड्राई आई-मायोपिया' जैसी कंडीशन में भी tear test अहम रोल निभा रहे हैं। तो अगली बार जब आपकी आंखों से आंसू गिरे याद रखिएगा ये सिर्फ आपके दिल का बोझ नहीं हल्का कर रहे। ये आपके शरीर की 'छिपी हुई बीमारियों का राज' भी खोल रहे हैं।

2026 तक बाजार में आ सकती है Tear Test Kit

फिलहाल ये टीयर एनालिसिस टेस्ट किट अपने परीक्षण के आखिरी चरण में है। माना जा रहा है कि इसे 2026 में सरकार से अनुमति मिलने के बाद मार्केट में लाया जा सकता है। यह पेपर स्ट्रिप बेस्ड टेस्ट होगी, जिसमें आंसू कलैक्ट करके टेस्ट किया जाएगा। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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