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केरल: खाना चुराने के आरोप में भीड़ ने युवक को पीट-पीटकर मार डाला, लोग बनाते रहे वीडियो

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 24, 2018 01:01 pm IST,  Updated : Feb 24, 2018 01:01 pm IST

भीड़ द्वारा मारे गए युवक को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।

पूरे घटना को मोबाइल से...- India TV Hindi
पूरे घटना को मोबाइल से शूट किया गया और सोशल मीडिया पर डाल दिया गया।

केरल में घटी एक बेहद अमानवीय घटना सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो के अनुसार एक आदिवासी युवक को चोरी के आरोप में भीड़ पीट-पीट कर मारते हुए दिखाई दे रही है। युवक को 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' बताया जा रहा है। गुरुवार को हुई इस हिंसक घटना में शामिल युवक ने घटना से कुछ देर पहले सेल्फी खींच कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। घटना के बाद ट्विटर पर एक व्यक्ति ने पोस्ट किया, "सीएमओकेरला..कृपया इस मामले में तत्काल कार्रवाई करें और दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा करें। पीड़ित युवक मधु की मां ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "कल(गुरुवार) मेरे बेटे को कुछ लोगों ने अट्टापड्डी-अगाली के समीप चोर कहकर पीटा। उसके बाद उसे पुलिस के हवाला कर दिया, जहां उसकी हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वह चोर नहीं था, बल्कि मानसिक रूप से अस्वस्थ था।"

पूरे घटना को मोबाइल से शूट किया गया और सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। अभिनेता-निर्देशक जॉय मैथ्यू ने जब इस घटना से का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, तब जाकर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन समेत कई नेताओं ने घटना की निंदा की। मैथ्यू ने कहा, "यह हाल के दिनों में एक प्रकार की फासीवादी मलयाली मानसिकता उभरी है और इसे रोकने की जरूरत है। अगर पुलिस सोशल मीडिया पर इसे साझा करने के लिए मुझे गिरफ्तार करना चाहती है, तो उन्हें ऐसा करने दीजिए।" विजयन ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, "यह एक शिक्षित समाज के लिए और राज्य ने जिस तरह की प्रगति की है, उसके लिए सही तरीका नहीं है। मैंने राज्य पुलिस प्रमुख को इस मामले को देखने का निर्देश दिया है। जो भी इस घटना में संलिप्त हैं, उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए।" स्थानीय आदिवासी समुदाय ने घटना के प्रति विरोध जताया और मांग की है कि अगर घटना के पीछे शामिल लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। राज्य के एससी/एसटी मंत्री ए.के. बालन ने पत्रकारों से कहा, "जिन्होंने यह दावा किया है कि युवक चोर था, यह आरोप उनका है। राज्य सरकार काफी कड़ाई से इसकी जांच करेगी और जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।" राज्य पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहरा ने कहा कि उन्होंने यह मामल त्रिसूर के पुलिस महानिरीक्षक को सौंप दिया है और जो भी इस घटना के पीछे है, उसे छोड़ा नहीं जाएगा।

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