1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. दिल्ली की नंबर प्लेट पर क्यों लिखा होता है ‘C’ ‘S’ और ‘R’?

दिल्ली की नंबर प्लेट पर क्यों लिखा होता है ‘C’ ‘S’ और ‘R’?

 Written By: PRAVEEN DWIVEDI
 Published : Dec 09, 2015 01:44 pm IST,  Updated : Dec 09, 2015 01:48 pm IST

राजधानी दिल्ली में अब दिन के हिसाब से तय होगा कि आप किस दिन गाड़ी चला सकते हैं और किस दिन नहीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाड़ियों की नंबर प्लेट पर ‘C’ ‘S’ और ‘R’ जैसे जो डिजिट दर्ज होते हैं उनका मतलब क्या होता है।

CAR NO PLATE
CAR NO PLATE

दिल्ली के रजिस्ट्रेशन कोड को समझिए  

DL 11 C AA 1111

DL दो लेटर का कोड होता है और यह दिल्ली के लिए होता है। अतिरिक्त C गाड़ी की कैटेगरी को बताता है। अगर यह लेटर S है जो गाड़ी टू व्हीलर होगी।

C- कार और एसयूवी के लिए

P- सार्वजनिक परिवहन के लिए, जैसे के लिए बस

R- थ्री व्हीलर जैसे के रिक्शे आदि के लिए

S-  टू व्हीलर गाड़ियों के लिए

T-  टूरिस्ट लाइसेंस व्हिकल और टैक्सी

V- ट्रक और वैन के लिए

Y- किराए की कार (hire vehicles)

अन्य राज्यों में भी इस तरह के नियम का पालन किया जाता है। मसलन राजस्थान में RJ टू लेटर कोड है, जहां पर

P- पैसेंजर व्हिकल

C- कार

S- स्कूटर

G- गुड व्हिकल

गुजरात, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में शुरुआती अक्षर जिला कोड होता है जैसे कि दिल्ली में DL 2 होगा न कि DL 02। गुजरात GJ 5 न कि GJ 05। बिहार BR 8 न कि BR 08।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत