1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की जरूरत, छोटे किसानों का सशक्तिकरण जरूरी- पीएम मोदी

कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की जरूरत, छोटे किसानों का सशक्तिकरण जरूरी- पीएम मोदी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 01, 2021 12:10 pm IST,  Updated : Mar 01, 2021 12:10 pm IST

डेयरी सेक्टर का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम अपने डेयरी सेक्टर को ही देखें तो आज वह इतना मजबूत इसलिए है क्योंकि इतने दशकों में उसने प्रोसेसिंग का विस्तार किया है। आज हमें कृषि के हर सेक्टर में प्रोसेसिंग पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना है। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले। 

kisan agriculture start up farmer technology narendra modi speech  कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्र- India TV Hindi
कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की जरूरत, छोटे किसानों का सशक्तिकरण जरूरी- पीएम मोदी Image Source : PTI

नई दिल्ली. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट में कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर चर्चा की। उन्होंने एक वेबिनार में बोलते हुए कहा कि लगातार बढ़ते कृषि उत्पादन के बीच, 21वीं सदी में भारत को पोस्ट हार्वेस्ट क्रांति या फूड प्रोसेसिंग क्रांति और वैल्यू एडिशन की आवश्यकता है। देश के लिए बहुत अच्छा होता अगर ये काम दो-तीन दशक पहले ही कर लिया गया होता। कृषि क्षेत्र के शोध एवं विकास कार्यों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने का समय आ गया है। हमें कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने की जरूरत है।

पढ़ें- 50 रुपये की उधारी पर दोस्त ने ले ली दोस्त की जान

डेयरी सेक्टर का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम अपने डेयरी सेक्टर को ही देखें तो आज वह इतना मजबूत इसलिए है क्योंकि इतने दशकों में उसने प्रोसेसिंग का विस्तार किया है। आज हमें कृषि के हर सेक्टर में प्रोसेसिंग पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना है। इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले। खेत से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचने की व्यवस्था सुधारनी ही होगी। आज ये समय की मांग है कि देश के किसान की उपज को बाज़ार में ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प मिलें। सिर्फ उपज तक किसानों को सीमित रखने का नुकसान देश देख रहा है। हमें देश के कृषि क्षेत्र का प्रोसेस्ड फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा।

पढ़ें- Miss India Delhi 2019 मानसी सहगल ने थामा AAP का दामन

उन्होंने कहा कि हमारे यहां कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लंबे समय से किसी न किसी रूप में की जा रही है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सिर्फ एक व्यापार बनकर न रहे बल्कि उस जमीन के प्रति हम ​अपनी ज़िम्मेदारी को भी निभाएं। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैने संसद में कहा था कि कैसे देश के छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, छोटे किसानों की संख्या 12 करोड़ के करीब है और इनका सशक्तिकरण ही भारती कृषि को अनेक  परेशानियों से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा और साथ में ग्रामीण इकोनॉमी का ड्राइविंग फोर्स भी बनेगा।" 

पढ़ें- गुड न्यूज! पश्चिम रेलवे ने किया स्पेशल ट्रेनों का ऐलान, पांच राज्यों के लोगों को मिलेगी यात्रा में सहूलियत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज यह समय की मांग है कि देश के किसान की उपज को बाजार में ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले, सिर्फ कच्चे माल या उपज तक किसानों को सीमित रखने का नुकसान देश देख रहा है। हमें देश के एग्रीकल्चर सेक्टर का प्रोसेस फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा। गांव के पास ही हमें एग्रो इंडस्ट्री कलस्टर की संख्या बढ़ानी होगी ताकि गांव के लोगों को गांव में ही खेती से जुड़े रोजगार मिल सके।

पढ़ें- अलीगढ़ में लड़की की संदिग्ध हालात में मौत, नाराज ग्रामीणों ने किया पुलिस पर पथराव

उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के साथ हमें इस बात पर भी फोकस करना है कि छोटे से छोटे किसान को भी आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ कैसे मिल सके। छोटे किसान ट्रैक्टर या पराली की मशीनें अफोर्ड नहीं कर सकते। आज जब हवाई जहाज किराए पर दिए जा सकते हैं तो किसानों के लिए भी ऐसी व्यवस्था खड़ी की जा सकती है। किसान की उपज को मंडी तक पहुंचाने के लिए ट्रक एग्रीगेटर का इस्तेमाल कोरोना काल में किया गया जो अच्छा था। इसपर और काम करने की आवश्यकता है। 

पढ़ें- कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने नर्स से कही ये बात

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत