Thursday, January 22, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. धुंध से ‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, प्रदूषण स्तर खतरे के निशान के पार, कल पांचवीं क्लास तक के स्कूल रहेंगे बंद

धुंध से ‘गैस चैंबर’ बनी दिल्ली, प्रदूषण स्तर खतरे के निशान के पार, कल पांचवीं क्लास तक के स्कूल रहेंगे बंद

ख़तरा ज़्यादा है तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि सभी स्‍कूलों में बच्चों के आउटडोर गेम्‍स पर तुरंत रोक लगा दी जाए और दिल्ली में होने वाली हाफ मैराथन को भी रोक दिया जाए। साथ ही डॉक्टरों ने सुबह के वक़्त मॉर्न

Written by: India TV News Desk
Published : Nov 07, 2017 09:15 am IST, Updated : Nov 07, 2017 09:13 pm IST
Delhi-Smog- India TV Hindi
Delhi-Smog

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली आज घने कोहरे की चादर में लिपटी है। इंडिया गेट समेत कई इलाक़ों में विज़िबिलटी 200 मीटर से भी कम हो गई है और चिंता की बात ये है कई जगह प्रदूषण स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। कई लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक़ अगले 2 दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। दिल्ली में इस धुंध के पीछे पंजाब और हरियाणा से आए धुएं को भी ज़िम्मेदार माना जा रहा है। वहीं दिल्ली में स्मॉग की वजह से कल पांचवीं क्लास तक के स्कूल बंद रहेंगे। शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि जरुरत पड़ी तो आगे भी स्कूल बंदे रहेंगे।

बता दें कि दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को अगले कुछ दिनों तक स्कूल बंद रखने का आदेश दिया था। इससे पहले आईएमए ने भी सभी स्कूल बंद करने की सलाह दी थी।

ये भी पढ़ें

मौसम विभाग के मुताबिक हवा की रफ़्तार कम है इसीलिए प्रदूषित कण एक जगह ठहरे हैं। हवा में मौजूद नमी के चलते यही कण स्मॉग में तब्दील हो रहे हैं और पूरे शहर की हवा ज़हर बन रही है। ख़तरा ज़्यादा है तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि सभी स्‍कूलों में बच्चों के आउटडोर गेम्‍स पर तुरंत रोक लगा दी जाए और दिल्ली में होने वाली हाफ मैराथन को भी रोक दिया जाए। साथ ही डॉक्टरों ने सुबह के वक़्त मॉर्निंग वॉक को भी बेहद ख़तरनाक बताया है।

जानलेवा है स्मॉग

  • स्मॉग से फेफड़े और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारी का खतरा
  • खांसी, जुकाम और सीने में दर्द की समस्या हो सकती है
  • दिल्ली में 10 में 4 बच्चे फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों की चपेट में
  • 2 साल के बड़े बच्चों में अस्थमा की बीमारी बढ़ी
  • 15 साल से छोटे बच्चे ब्रोनकाइटिस बीमारी की चपेट में

स्मॉग से कैसे बचें?

  • जहां तक संभव हो बाहर निकलने से बचें
  • एक्सरसाइज या योगा घर के अंदर ही करें
  • कोशिश करें कि घर के दरवाजे बंद ही रखें
  • बाहर निकलें तो N-95 लेवल मास्क पहनें
  • सांस की बीमारी वाले इनहेलर दवाई साथ रखें

दिल्ली में ज़हरीली हवा के पीछे प्रदूषण और धुंध तो ज़िम्मेदार है ही लेकिन पंजाब और हरियाणा में जलती हुई पराली भी दिल्ली के लिए दहशत का सबब बन चुकी हैं। दो राज्यों से उठने वाला धुआं दिल्ली के लिए घातक बन चुका है। दिल्ली के कई इलाक़ों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार पहुंच चुका है जबकि रविवार सुबह आनंद विहार में पीएम 10 का स्तर 1010 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया। नोएडा और गाज़ियाबाद में भी एयर क्वाटिली इंडेक्टस 400 को पार कर गया है। लेकिन ख़तरा यहीं ख़त्म नहीं होता। मौसम विभाग के मुताबिक़ अगले 2-3 दिनों तक दिल्ली में ये एयर इमरजेंसी ख़त्म होने वाली नहीं है बल्कि हालत और बदतर होंगे।

पीएम 10 का स्तर

  • आरके पुरम---743
  • आनंद विहार---738
  • शादीपुर---420
  • मंदिर मार्ग---682
  • पंजाबी बाग---999
  • सिरी फोर्ट---420

स्मॉग जितना खतरनाक बच्चों के लिए है उतनी ही बड़ों के लिए भी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली की हवा इतनी खराब हैं कि सांस लेते वक़्त आप 25 सिगरेट के बराबर धुआं अंदर खींचते हैं। तो सोचिए, जब पंजाब-हरियाणा से निकले पराली के धुएं और धुंध से स्मॉग बनेगा तो हालात क्या होंगे।

स्मॉग है क्या?

  • गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाली खतरनाक गैस, धुएं और कोहरे के मेल से स्मॉग बनता है
  • स्मॉग का असर हवा में कई दिनों तक हो सकता है
  • तेज हवा चलने या बारिश के बाद ही स्मॉग का असर खत्म होता है
  • स्मॉग वो ज़हर है जो किसी को भी बहुत बीमार बना सकता है।

लेकिन सवाल ये कि देश के दो राज्यों में इस कोहरे और धुंध के लिए जिम्मेदार कौन है? तो जवाब हैं खेतों में धधकती पराली जिसके धुएं ने शहर के शहर अपनी आगोश में ले लिए और फॉग के साथ मिलकर यही धुआं स्मॉग बन गया। धान की फसल काटने के बाद खेतों में जो अवशेष रह जाते हैं, उसे पराली कहते हैं। किसानों को दिसंबर में गेहूं की फसल की बुवाई करनी होती है इस वजह से वो खेतों में पड़ी पराली को आग लगा देते हैं। पंजाब में हर साल करीब 1 करोड़ 70 लाख क्विंटल पराली जलाई जाती है।

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement