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कट्टरपंथी संगठन से जुड़े थे जिम ट्रेनर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और टीचर, ATS ने 16 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

Edited By: Swayam Prakash @swayamniranjan_ Published : May 10, 2023 09:02 am IST, Updated : May 10, 2023 09:02 am IST

मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने मंगलवार को कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) से जुड़े होने के संदेह में मध्य प्रदेश के दो शहरों से 11 लोगों को और तेलंगाना पुलिस ने 5 अन्य लोगों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है।

ATS ने 16 संदिग्धों को किया गिरफ्तार- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO ATS ने 16 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

मध्य प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने मंगलवार को कट्टरपंथी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) से जुड़े होने के संदेह में मध्य प्रदेश के दो शहरों से 11 लोगों को और तेलंगाना पुलिस ने 5 अन्य लोगों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। मध्य प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। इन गिरफ्तारियों के साथ ही पुलिस अधिकारियों ने कट्टरपंथी संगठन के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। 

भोपाल और छिंदवाड़ा से पकड़े 11 लोग

एक अधिकारी ने कहा कि मप्र एटीएस ने एक जिम ट्रेनर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और शिक्षक सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि इनमें से 10 को भोपाल के शाहजहानाबाद, ऐशबाग, लालघाटी और पिपलानी इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक को छिंदवाड़ा शहर से पकड़ा गया। 

ATS ने बरामद किया राष्ट्र विरोधी सामान
अधिकारी ने कहा कि एटीएस से मिली गुप्त सूचना के आधार पर तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद से पांच लोगों को संगठन से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने कहा कि एचयूटी के गिरफ्तार सदस्यों के पास से राष्ट्र विरोधी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कट्टरपंथी साहित्य बरामद किया गया। इस संगठन का नेटवर्क 50 से अधिक देशों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संगठन को पहले ही 16 देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है। 

डार्क वेब का करते हैं इस्तेमाल 
मप्र पुलिस प्रवक्ता ने दावा किया कि संगठन भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को गिराने और इसे शरिया (इस्लामिक कानून शासन) से बदलने का लक्ष्य बना रहा था। प्रवक्ता ने कहा कि ये संचार के नियमित माध्यमों से बचते हैं और बातचीत के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल, भोपाल से कई लोगों को प्रतिबंधित समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के साथ कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से जिहाद से जुड़े साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे। 

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