अग्निवीरों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। पूर्व अग्निवीरों को CISF, BSF और CRPF भर्ती में आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों के 10% पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। इसके साथ ही अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी छूट दी जाएगी। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के महानिदेशक नीना सिंह का कहना है कि इस संबंध में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। अग्निवीर योजना शुरुआत से ही विवादों में रही है। हाल ही में राहुल गांधी ने संसद में इस विषय को उठाया था और कहा था कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर यह योजना खत्म कर दी जाएगी।
अग्निवीर योजना का विपक्ष शुरुआत से ही विरोध करता रहा है और इसमें लगातार कई खामियां निकाली गई हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि काफी सोच-समझकर और विचार विमर्श के बाद यह योजना लाई गई और यह सेना के हित में है।
अग्निपथ योजना के तहत चार साल के अनुबंध पर युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती किया जाता है। इस दौरान हर साल उनकी सैलरी पहले से तय होती है। चार साल की अवधि पूरी होने पर खुल सैनिकों को स्थायी तौर पर सेना में नौकरी मिल जाती है। वहीं, अन्य सैनिकों की सेवा समाप्त हो जाती है और उन्हें पूर्व निर्धारित राशि मिलती है। अग्निवीरों के सेना में सेवा के दौरान जरूरी ट्रेनिंग और सुविधाएं दी जाती हैं। इस दौरान सर्वोच्च बलिदान को प्राप्त होने पर अग्निवीरों के परिवारजनों को मुआवजा भी मिलता है। हालांकि, चार साल के बाद सेवा खत्म होने पर अग्निवीरों को कोई पेंशन नहीं मिलती और पूरा विवाद इसी पर है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक सिंह ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए उनके बल में सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भर्ती नियमों में तदनुसार संशोधन किया गया है। पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण किया गया है। उन्हें आयु सीमा में भी छूट मिलेगी। पहले बैच को पांच साल की छूट मिलेगी जबकि उसके बाद तीन साल की छूट मिलेगी।’’ सिंह ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के लिए कोई शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं होगी। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने भी कहा कि उनके बल में पूर्व अग्निवीरों के लिए कोटा तय किया गया है। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में भर्ती करने के लिए कोई शारीरिक परीक्षा नहीं देनी होगी, क्योंकि सेना उनकी यह परीक्षा पहले ही ले चुकी होती है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल शारीरिक फिटनेस प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।
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