ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मयूरभंज जिले के उदला से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ओडिशा लिफ्ट इरिगेशन कॉरपोरेशन के उप-विभाग में कार्यरत 2 इंजीनियरों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है।
बिल पास कराने के बदले ठेकेदार से मांग रहे थे रिश्वत
जानकारी के अनुसार, उदला स्थित ओएलआईसी उप-विभाग में पदस्थ सहायक कार्यपालक अभियंता हरेकृष्ण सिंह और बारिपदा से उदला में तैनात जूनियर इंजीनियर सुब्रत महांति एक ठेकेदार से बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांग रहे थे। ठेकेदार द्वारा पहले ही करीब 25 लाख रुपये का काम पूरा किया जा चुका था, लेकिन उसके करीब 5 लाख रुपये का बकाया बिल और सिक्योरिटी डिपॉजिट जारी नहीं किया जा रहा था।
ठेकेदार को क्या धमकी दी?
इन दोनों अधिकारियों ने बकाया भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट रिलीज करने के लिए कुल 1.10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। यह रिश्वत 4.5 प्रतिशत की दर से तय की गई थी, जिसमें AEE के हिस्से के रूप में 1.5% और JE के हिस्से में 3% शामिल थे। अधिकारियों ने साफ तौर पर ठेकेदार को धमकी दी थी कि अगर 60 हजार रुपये की पहली किस्त नहीं दी गई, तो बिल पास नहीं किया जाएगा।
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यूं आए पकड़ में
लगातार हो रही इस परेशानियों से तंग आकर ठेकेदार ने ओडिशा विजिलेंस से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया और जैसे ही दोनों इंजीनियर रिश्वत की रकम ले रहे थे, उसी समय उन्हें पकड़ लिया गया। उनके पास से केमिकल लगे हुए सभी नोट जब्त कर लिए गए।
इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाने में केस नंबर 1/2026 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी
ट्रैप कार्रवाई के बाद विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें हरेकृष्ण सिंह के बालासोर जिले के खुंटा थाना क्षेत्र अंतर्गत भंगाचतु गांव स्थित आवासीय घर और उनके कार्यालय कक्ष की तलाशी ली गई। वहीं सुब्रत महांति के बारिपदा स्थित आवासीय मकान, रायरंगपुर स्थित पैतृक घर और उनके कार्यालय कक्ष में भी तलाशी अभियान चलाया गया।

विजिलेंस ने कैश जब्त किया
छापेमारी के दौरान हरेकृष्ण सिंह के भंगाचतु स्थित घर से 1 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद किए गए, जिन्हें विजिलेंस ने जब्त कर लिया है। दोनों आरोपी यानि सहायक कार्यपालक अभियंता हरेकृष्ण सिंह और जूनियर इंजीनियर सुब्रत महांति को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और विजिलेंस की जांच आगे बढ़ रही है। इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, वहीं आम लोगों ने विजिलेंस की इस कार्रवाई को बड़ी राहत और सख्त संदेश के तौर पर देखा है।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)