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इलेक्टोरल बॉन्ड मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने SBI को भेजा नोटिस, कहा- यूनिक आईडी को क्यों नहीं किया जारी

Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61 Published : Mar 15, 2024 11:38 am IST, Updated : Mar 15, 2024 12:24 pm IST

इलेक्टोरल बॉन्ड मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड डेटा को वापस करने के ईसीआई के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया है।

Supreme court issued notice to SBI for not disclosing electoral bond numbers seeks banks response- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO सुप्रीम कोर्ट ने SBI को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय चुनाव आयोग ने 14 मार्च को चुनावी बॉन्ड से जुड़े डेटा को जारी किया था। चुनावी बॉन्ड यानी इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा डेटा वही डेटा है जिसे चुनाव आयोग के साथ 12 मार्च को एसबाआई ने शेयर किया था। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 2 लिस्ट जारी किए गए हैं। इसमें कुल 763 पन्ने हैं जिनमें चुनावी बॉन्ड खरीदने वाली कंपनियों और लोगों के नाम शामिल हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले डेटा को वापस करने को लेकर ईसीआई के अनुरोध को अनुमति दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत के ज्यूडिशियल रजिस्ट्रार यह सुनिश्चित करें कि दस्तावेज को स्कैन और डिजिटल किया जाए और बार प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेजों को ईसीआई को वापस दे दिया जाए। वह इसे 17 मार्च को या उससे पहले वेबसाइट पर अपलोड कर देगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत सोमवार तक एसबीआई से जवाब मांगा है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद एसबीआई ने बुधवार को भारतीय निर्वाचन आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा सौंपा था। आदेश के मुताबिक गुरुवार को ही चुनाव आयोग ने इस डेटा को अपनी वेबसाइट पर अपोलड कर दिया है। हालांकि इसमें किसी भी बॉन्ड का यूनिक नंबर नहीं दिया गया है। 

एसबीआई को मिला 18 मार्च तक का समय

बता दें कि इस मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से कहा कि हमारा स्पष्ट निर्देश था। हमने इलेक्टोरल बॉन्ड से संबंधित पूरा ब्योरा देने को कहा था। लेकिन यूनिक नंबर की जानकारी साझा नहीं की गई है। इसकी जानकारी एसबाई को तुरंत देनी होगी। बता दें कि यूनिक नंबर की जानकारी साझा करने के लिए एसबीआई को 18 मार्च तक का समय दिया गया है। बता दें कि चुनाव आयोग द्वारा 2 लिस्ट जारी की गई है। एक लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों के नाम और दूसरी लिस्ट में बॉन्ड की राशि देने वाली पार्टियों के नाम शामिल हैं।

क्या होता है यूनिक आईडी?

दरअसल अदालत ने एसबीआई को कहा है कि बॉन्ड खरीदने वाले और उन्हें प्राप्त करने वाली पार्टियों की पूरी जानकारी को यूनिक आईडी के साथ शेयर किया जाए। दरअशल यूनिक आईडी हर एक बॉन्ड का यूनिक नंबर होता है। इके जरिए आसानी से यह पता लगाया जा सकेगा कि आखिर किस कंपनी या व्यक्ति ने किस पार्टी को चंदा दिया है। चंदा देने वाले और चंदा पाने वालों की सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि बॉन्ड नंबरों से पता चल सकेगा कि किस दानदाता ने किस पार्टी को कितना चंदा दिया है। बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। 

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