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Uttarakhand: उपजिलाधिकारी को BJP विधायक के खिलाफ थाने में शिकायत करना पड़ा भारी, हो गया ट्रांसफर

 Published : May 29, 2022 08:22 pm IST,  Updated : May 29, 2022 08:24 pm IST

पुरोला से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ पुलिस थाने में तहरीर देने वाले उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी का राज्य सरकार ने रविवार को तबादला कर दिया। सैनी को तत्काल पौड़ी जिले में गढ़वाल मंडल आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध कर दिया।

BJP MLA Durgeshwar Lal- India TV Hindi
BJP MLA Durgeshwar Lal Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • पुरोला से BJP विधायक के खिलाफ की थी शिकायत
  • थाने में तहरीर देने वाले उपजिलाधिकारी का ट्रांसफर
  • विधायक और उपजिलाधिकारी के एक दूसरे पर आरोप

Uttarakhand: पुरोला से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ पुलिस थाने में तहरीर देने वाले उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी का राज्य सरकार ने रविवार को तबादला कर दिया। सैनी को तत्काल पौड़ी जिले में गढ़वाल मंडल आयुक्त के कार्यालय से संबद्ध कर दिया। प्रदेश के पर्सवनल और विजिलेंस विभाग की ओर से जारी एक आदेश में सैनी को तत्काल अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर अपने नये तैनाती स्थल में कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। 

विधायक के खिलाफ तहरीर में क्या था?

गौरतलब है कि उपजिलाधिकारी सैनी ने विधायक दुर्गेश्वर लाल के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि उपजिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक कृष्णा सिंह के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए सोशल मीडिया में उनकी छवि धूमिल करने, उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत फंसाने और जान से मारने की धमकी देने संबंधी आरोप लगाये। पुलिस को दी गई तहरीर में सैनी ने आरोप लगाया है कि विधायक जानबूझकर अपने समर्थक सिंह के माध्यम से सोशल मीडिया में उन्हें बदनाम कर रहे हैं जिससे उनकी और विभाग की छवि धूमिल हो रही है।​

उपजिलाधिकारी पर विधायक के आरोप

पुलिस तहरीर में लगाए गए सैनी के आरोपों के जवाब में विधायक ने दावा किया कि कई महीनों से शिकायतें आ रही थीं कि उनका आम जनता के साथ अच्छा रवैया नहीं है और बिना सुविधा शुल्क के तहसील में कोई भी काम नहीं हो रहा है। विधायक ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार की शिकायत के बारे में उनके द्वारा बताए जाने पर भी उपजिलाधिकारी ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। उन्होंने कहा, ‘‘इससे स्पष्ट है कि यदि वह निर्वाचित जनप्रतिनिधि के आदेशों की अवहेलना कर सकते हैं तो आम जनता की बात कैसे सुनते होंगे।’’ 

लाल ने यह भी आरोप लगाया कि उपजिलाधिकारी प्रत्येक शनिवार को भोजनावकाश के बाद कार्यक्षेत्र छोड़कर सरकारी गाड़ी से अपने घर चले जाते हैं जो सरकारी धन का दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों विशेषकर महिलाओं को अपने कार्य हेतु उनके आवास पर जाने में बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

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