सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति होंगे। उपराष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन की जबरदस्त जीत हुई है। सीपी राधाकृष्णन ने इंडी अलायंस के कैंडिडेट बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया है। सीपी राधाकृष्णन को फर्स्ट प्रेफरेंस के 452 वोट मिले हैं जबकि इंडी अलायंस के कैंडिडेट सुदर्शन रेड्डी को फर्स्ट प्रेफरेंस के 300 वोट मिले हैं।
उपराष्ट्रपति के चुनाव में कुल 781 में से 767 वोट डाले गए थे जिसमें 752 वैलिड वोट पड़े हैं, 15 वोट इनवैलिड हुए हैं। चूंकि सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं इसलिए जैसे ही सीपी राधाकृष्णन की जीत का ऐलान हुआ, दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक सेलिब्रेशन शुरू हो गया।
वहीं, आपको बता दें कि देश में अब तक 14 उपराष्ट्रपति हुए हैं और आज सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। अब तक छह बार दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल से) उपराष्ट्रपति बने हैं लेकिन देश में एक बार भी महिला उपराष्ट्रपति नहीं बनीं। नजमा हेपतुल्ला 2007 में NDA की ओर से उम्मीदवार रही लेकिन वह हार गई थीं। हालांकि राष्ट्रपति के पद पर प्रतिभा पाटिल रही हैं।
भारत में अब तक 14 लोगों को उपराष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करने का मौका मिला है लेकिन सबसे अधिक लंबे कार्यकाल की बात करें तो इसमें दो नाम आते हैं। पहला है- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और दूसरा मोहम्मद हामिद अंसारी। दोनों 10 साल तक इस पद पर रहे हैं।
| क्र. सं. | उपराष्ट्रपति | कार्यकाल (से) | कार्यकाल (तक) |
| 1 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 13 मई 1952 | 12 मई 1962 |
| 2 | डॉ. जाकिर हुसैन | 13 मई 1962 | 12 मई 1967 |
| 3 | वराहगिरि वेंकट गिरी | 13 मई 1967 | 20 जुलाई 1969 |
| 4 | गोपाल स्वरूप पाठक | 31 अगस्त 1969 | 30 अगस्त 1974 |
| 5 | बसप्पा दानप्पा जट्टी | 31 अगस्त 1974 | 30 अगस्त 1979 |
| 6 | जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह | 31 अगस्त 1979 | 30 अगस्त 1984 |
| 7 | रामास्वामी वेंकटरमन | 31 अगस्त 1984 | 24 जुलाई 1987 |
| 8 | शंकर दयाल शर्मा | 7 सितंबर 1987 | 24 जुलाई 1992 |
| 9 | कोचेरिल रमन नारायणन | 21 अगस्त 1992 | 24 जुलाई 1997 |
| 10 | कृष्ण कांत | 21 अगस्त 1997 | 27 जुलाई 2002 |
| 11 | भैरों सिंह शेखावत | 19 अगस्त 2002 | 21 जुलाई 2007 |
| 12 | मोहम्मद हामिद अंसारी | 11 अगस्त 2007 | 10 अगस्त 2017 |
| 13 | एम वेंकैया नायडू | 11 अगस्त 2017 | 11 अगस्त 2022 |
| 14 | जगदीप धनखड़ | 11 अगस्त 2022 | 21 जुलाई 2025 |
भारत का उपराष्ट्रपति सीधे जनता द्वारा नहीं चुना जाता। संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव एक खास ग्रुप द्वारा किया जाता है जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य (चुने हुए और नामांकित) शामिल होते हैं। यह चुनाव गुप्त मतदान से होता है।
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