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कांग्रेस सीएए पर लोगों को गुमराह कर 1947 की स्थिति पैदा करना चाहती है : उमा भारती

 Reported By: Bhasha
 Published : Jan 30, 2020 07:27 pm IST,  Updated : Jan 30, 2020 07:27 pm IST

भाजपा नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर लोगों को गुमराह कर देश में वर्ष 1947 की स्थिति पैदा करना चाहती है।

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Uma bharti Image Source : FILE PHOTO

सीहोर (मध्यप्रदेश): भाजपा नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर लोगों को गुमराह कर देश में वर्ष 1947 की स्थिति पैदा करना चाहती है। लेकिन, हम अब इसको सफल नहीं होने देंगे। अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजादी मिलने के बाद 15 अगस्त 1947 को भारतवर्ष हिन्दुस्तान तथा पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था और खून खराबा हुआ था। 

उमा भारती ने बुधवार शाम सीएए पर चर्चा करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस भारत में 1947 की स्थिति को पैदा करना चाहती है। लेकिन हम अब इसको सफल नहीं होने देंगे। लोगों को गुमराह किया गया है, लोगों को बहकाया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्वयं मीडिया इसका गवाह हैं। जो सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता है कि सीएए है क्या?’’ उमा ने कहा कि सबसे बुरी बात मध्यप्रदेश में हुई है कि राजगढ़ में जो घटना हुई, उसमें भाजपा नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री बद्रीलाल यादव ने एक अशोभनीय टिप्पणी की जिसके लिए उन्होंने माफी भी मांग ली। उन पर कार्रवाई भी हो गई। लेकिन, मैं अभी भी कहूंगी कि उनको ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। 

राजगढ़ की महिला कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर द्वारा सीएए के समर्थन कर रहे लोगों पर हाल ही में थप्पड़ मारे जाने की घटना की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा , ‘‘लेकिन बद्रीलाल की गलती में एक बहुत बड़ा अपराध छिप गया है। वो बात यह है कि हाथ में तिरंगा लेकर सीएए के पक्ष में प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ नहीं मारा जा सकता।’’ उमा ने कहा कि सीएए दोनों सदनों में पारित हो चुका है और अब यह संविधान संबद्ध है। इसलिए राज्य का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी संविधान संबद्ध किसी भी चीज का विरोध नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध में निकली रैली का मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद भोपाल में नेतृत्व किया। विरोध की रैली को जब नहीं रोका गया तो समर्थन की रैली को भी नहीं रोका जा सकता था। उमा ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश के अधिकारी संवैधानिक मर्यादाओं को उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए मुख्यमंत्री और राज्य के मुख्य सचिव को इसका ध्यान रखना पड़ेगा कि वे आईएएस अधिकारियों को इसके बारे में निर्देश जारी करें कि वे सीएए के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। 

उमा ने कहा, ‘‘भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान 13 साल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। डॉ. मनमोहन सिंह 10 साल प्रधानमंत्री रहे। कभी आपने केन्द्र और राज्य के बारे में राज्य के अधिकारियों को टिप्पणी करते हुए नहीं देखा होगा। यह पहली बार हुआ है राज्य के अधिकारी नेताओं को डकैत एवं घपलेबाज कहे जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब वह डकैत और घपलेबाज कह रहे हैं तो वह यह थोडे़ कह रहे हैं कि कांग्रेस के नेताओं को मैं यह नहीं कह रहा हूं। उन्होंने पूरे हिन्दुस्तान के नेताओं को डकैत और घपलेबाज कह दिया।’’ 

उमा ने आईएएस अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘क्या डकैती और घपलेबाजी बिना आईएएस अधिकारियों के सहयोग के बिना हो सकती है? कभी नहीं हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि इन आईएएस अधिकारियों की जबान बिल्कुल बेलगाम हो गई है। इस बेलगाम जबान को रोकने का काम राज्य के मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री को करना पड़ेगा। देश में जनसंख्या नियंत्रण पर चल रही बहस के बीच उमा ने कहा कि जनसंख्या भारत की एक विकराल समस्या है। जनसंख्या तभी हमारी ताकत होगी जब सबके पास रोजगार होंगे। अन्यथा ये ताकत की जगह हमारे लिए एक बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। 

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