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कर्नाटक संकट: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, नौ विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं

Reported by: Bhasha Published : Jul 09, 2019 11:03 pm IST, Updated : Jul 09, 2019 11:03 pm IST

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के. आर रमेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के 14 में से नौ बागी विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं है और उन्होंने विधायकों को सही प्रारूप में इसे सौंपने को कहा है।

Karnataka crisis Assembly  speaker with Media persons- India TV Hindi
Image Source : PTI Karnataka crisis Assembly  speaker with Media persons

बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के. आर रमेश कुमार ने मंगलवार को कहा कि सत्ताधारी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के 14 में से नौ बागी विधायकों के इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं है और उन्होंने विधायकों को सही प्रारूप में इसे सौंपने को कहा है। राज्य में गठबंधन सरकार बचाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से उसके बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मंगलवार को मांग की और भाजपा पर उसके सदस्यों को लुभाने के लिए धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाया। इससे पहले, पार्टी के एक और विधायक ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 

अध्यक्ष कुमार ने पत्रकारों को बताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के 14 विधायकों में से नौ विधायकों के इस्तीफे पत्र निर्धारित पत्र में नहीं है और उन्होंने विधायकों को सही प्रारूप में इसे सौंपने को कहा है। बागी विधायकों के सोमवार की रात को उपनगर मुम्बई के होटल से रवाना होने के बाद इन विधायकों के ठिकानों पर अटकलें तेज हो गई थी। वे पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा से पश्चिमी महानगर लौट आए। उनमे से कुछ के बेंगलुरू में होने की खबर है। 

कांग्रेस के बागी नेता की बेटी सौम्या रेड्डी समेत कुछ और विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी के असंतुष्ट विधायकों के खेमे में शामिल होने की संभावना संबंधी रिपोर्टों के बीच संकट को समाप्त करने में मदद के लिए कांग्रेस ने वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद और बी के हरिप्रसाद को बेंगलुरू के लिए भेजा गया। सूत्रों ने बताया कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के केन्द्रीय नेताओं से सरकार को बचाने के लिए कोई रास्ता निकालने को कहा है। 

इससे पहले कांग्रेसी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष कुमार से मुलाकात की थी और उनसे दलबदल विरोधी कानून के तहत बागी विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने की मांग की। गठबंधन के 13 विधायकों के शनिवार को इस्तीफे के बाद उपजे संकट से निपटने के लिये मंगलवार को यहां कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया था कि जिन बागी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है, पार्टी उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। 

कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार के सभी मंत्रियों ने सोमवार को इस्तीफे देकर असंतुष्ट विधायकों को शामिल करने के लिए मंत्रिमंडल में फेरबदल का मार्ग प्रशस्त किया था। इस बीच, शिवाजीनगर से कांग्रेस के विधायक आर रोशन बेग ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बेग को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए हाल में ही निलंबित किया गया था। बेग ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘आज, मैंने कर्नाटक विधानसभा से अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया है।’’ 

कांग्रेस के 10 विधायकों और जद (एस) के तीन विधायकों ने एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से इस्तीफा दे दिये थे। बागी विधायक कांग्रेस की ओर से उन्हें अयोग्य ठहराये जाने के लिये उठाए गए कदम से बेपरवाह नजर आये और उन्होंने कहा कि इस्तीफे वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है। कांग्रेस विधायक एस टी सोमशेखर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस्तीफा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है। हमने स्वेच्छा से इस्तीफे दिये हैं और हम किसी पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हैं।’’ दो अन्य बागी विधायकों रमेश जार्किहोली और बी बासवराज ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किये। 

विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख दिनेश गुंडू राव ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के निर्णय के अनुसार उन्होंने ‘‘इस्तीफा देने वाले और सरकार को गिराने के लिए भाजपा से साठगांठ करने वाले’’ विधायकों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की स्पीकर से मांग की है। इससे पहले, ताजा संकट के बाद हुई कांग्रेस विधायक दल की पहली बैठक में 20 विधायक अनुपस्थित थे। इनमें 11 विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। 

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सात विधायकों ने स्वास्थ्य समेत अन्य कारणों का हवाला देते हुए बैठक में शामिल नहीं होने की छूट के लिये अनुमति मांगी थी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस्तीफा देने वाले विधायकों से वापस लौटने या नतीजे भुगतने के लिए कहा। बैठक में कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, गुंडू राव, केपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर खंद्रे और उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर और अन्य नेता मौजूद थे। हालांकि, राव ने बताया कि पार्टी ने सात बार के विधायक रामलिंगा रेड्डी को अयोग्य ठहराने की मांग नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि उन्होंने साफ किया है कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। 

कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने विधान सौध में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एक घंटे तक धरना दिया। इसके बाद उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को अपनी अर्जी सौंपी। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने विधानसभा अध्यक्ष से यह भी अनुरोध किया कि उन्हें (बागी विधायकों को) छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं जानी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष दल-बदल कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कर्नाटक और अन्य राज्यों में लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने के लिए अलोकतांत्रिक रास्ता अपना रही है। सिद्धरमैया ने दावा किया कि कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनने के बाद से भगवा पार्टी ‘‘लगातार’’ इस सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है। 

उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी ने पहले भी सरकार को अस्थिर करने के पांच बार प्रयास किये थे और यह उनका छठा प्रयास है, वे इस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के राष्ट्रीय नेता प्रत्यक्ष रूप से इस प्रयास में शामिल हैं। 

224 सदस्यीय विधानसभा में दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ भाजपा के पास 107 विधायक हैं जबकि बहुमत का आंकड़ा 113 है। अगर इन 14 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिये जाते है तो कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन का समर्थन करने वाले विधायकों की संख्या घटकर 102 हो जायेगी। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष का भी एक वोट है। भाजपा ने विधायकों के इस्तीफे देने के मामले में उसकी संलिप्तता के आरोपों को खारिज किया है। 

भाजपा का दावा है कि सत्तारूढ कांग्रेस-जद(एस) के 14 विधायकों के इस्तीफे के बाद कुमारस्वामी बहुमत खो चुके हैं। पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख बी एस येदियुरप्पा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अपने विधायकों से चर्चा की है और हमने बहुमत खो चुके मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तीफे की मांग को लेकर सुबह 11 बजे गांधी मूर्ति के सामने प्रदर्शन करने का फैसला किया है।’’ सूत्रों के अनुसार, येदियुरप्पा के बुधवार को राजभवन में राज्यपाल वजूभाई वाला से मुलाकात करने की संभावना है। 

विधानसभा अध्यक्ष कुमार ने कहा, ‘‘(पहले) सौंपे गए इन 14 इस्तीफा पत्रों में से पांच के इस्तीफा पत्र निर्धारित प्रारूप में हैं। ’’ उन्होंने अपने कक्ष में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इन पांच विधायकों में आनंद सिंह, नारायण गौड़ा, प्रताप गौड़ा पाटिल, गोपालैया और रामलिंगा रेड्डी शामिल हैं।’’ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जिन 14 विधायकों ने अपने इस्तीफे दिए हैं, उनमें एस टी सोमशेखर, मुनिरत्ना, बी ए बसवराज, प्रताप गौड़ा पाटिल, बी सी पाटिल, रमेश जरकिहोली, ए शिवराम हेब्बर, महेश कुमातली, रामलिंगा रेड्डी, आनंद सिंह और आर रोशन बेग (सभी कांग्रेसी) और गोपालैया, नारायण गौड़ा, अडागुर एच विश्वनाथ (सभी जेडी :एस:) से हैं। 

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