नई दिल्ली: नितिन नबीन निर्विरोध भारतीय जनता के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। चुनाव नामांकन में नितिन नबीन के अलावा किसी और ने पर्चा नहीं भरा। नामांकन की समय-सीमा खत्म होने के बाद पार्टी राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के लक्ष्मण की ओर से इस संबंध में एक प्रेस वक्तव्य जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए सिर्फ एक ही नाम नितिन नबीन का प्रस्तावित हुआ है।
प्रस्तावकों में पीएम मोदी का भी नाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन की उम्मीदवारी का प्रस्ताव रखने वालों में शामिल हैं; सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। इससे पहले नितिन नबीन ने पार्टी के सीनियर नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, नितिन गडकरी की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। बता दें कि 36 राज्यों में से 30 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। 16 जनवरी को कार्यक्रमों की समय-सारणी की अधिसूचना जारी करने के साथ ही वोटर लिस्ट भी प्रकाशित की गई थी।

नितिन नबीन के अलावा किसी ने नहीं भरा पर्चा
आज सोमावर को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन की प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान नितिन नबीन के अलावा किसी और ने नामांकन दाखिल नहीं किया। नितिन नबीं के पक्ष में नामांकन पत्रों के 37 सेट प्राप्त हुए। सभी पत्रों की जांच की गई और वे सही पाए गए। किसी और का नामांकन दाखिल नहीं होने के चलते उन्हें निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है। इस चुनाव प्रक्रिया की निगरानी पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करते हैं। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकालों तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता अवधि कम से कम 15 वर्ष हो। हालांकि, ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए, जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव पूरे हो चुके हों।