Parliament Monsoon Session 2023 Live: संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही मणिपुर हिंसा पर विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। पूर्वोत्तर के इस सूबे में हिंसा व महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने के मामले पर नाराज विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया।
संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन से जुड़े अपडेट्स के लिए इंडिया टीवी के साथ बने रहें:
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित हो गई। अब लोकसभा की अगली कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे शुरू होगी।
मुझे लगता है कि चर्चा के प्रति विपक्ष गंभीर नहीं है क्योंकि सरकार तो चाहती है कि मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। PM मोदी ने भी कहा है कि जिस प्रकार की घटना हुई है उससे पूरा राष्ट्र शर्मसार हुआ है और उन्होंने मामले में कठोर कार्रवाई करने के लिए भी कहा है: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, दिल्ली
लोकसभा की कार्यवाही के 12 बजे तक स्थगित होने के बाद अब राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2:30 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा है? देश की जनता जब एक उम्मीद के साथ संसद सत्र की ओर देखती है और यह विपक्षी दल मुद्दों को नहीं उठाने देते, चर्चा में भाग नहीं लेते तो अपने आप में ही इनकी भूमिका पर प्रश्न चिह्न खड़ा होता है...हम संवेदनशील हैं और चर्चा में भाग लेना चाहते हैं लेकिन विपक्ष जिम्मेदारी से भाग रहा है और चर्चा से भी भाग रहा है: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और स्पीकर ओम बिरला के बार-बार कहने पर भी विपक्ष की तरफ से शोर-शराबा कम नहीं हुआ। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
संसद की कार्रवाई शुरू होते ही लोकसभा में जबरदस्त हंगामा चालू हो गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सदस्यों से शांत रहने को कह रहे हैं।
मणिपुर हमारे देश का अभिन्न अंग है और वहां जो दरिंदगी की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे पूरे हिंदुस्तान का दिल दहल गया है। केंद्र सरकार नींद से जागे और इस विषय पर चर्चा कराए: AAP सांसद राघव चड्ढा
नए-नए तरीके से चर्चा को रोकना और बहस करना ये बिल्कुल गलत है। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम सार्थक चर्चा करना चाहते हैं इसलिए वो सहयोग करें लेकिन वे चर्चा ही नहीं करना चाहते हैं। वे हर बार ऐसे मुद्दे लाते हैं जिसमें मुद्दा नहीं रहता है: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी
मणिपुर में पिछले 77 दिन से अराजकता का माहौल बना हुआ है। अगर ये कहा जाए कि वहां पर सरकार और प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं है तो ये गलत बात नहीं है। मॉनसून सत्र मैं पीएम मोदी का ये दायित्व होना चाहिए कि इस विषय पर वो सदन के समक्ष बोले। सवाल ये है कि पिछले 78 दिन मणिपुर में जो हो रहा है उसका जिम्मेदार कौन है? इसलिए विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के तहत मांग की है कि दोनों सदनों में इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। हमारी मांग है कि पीएम सदन के बाहर बोल सकते हैं तो सदन के अंदर क्यों नहीं बोल सकते?: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी
विपक्ष बार-बार अपना विचार बदल रहा है। सरकार मणिपुर पर चर्चा करने के लिए तैयार है। मैं विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि ये बहुत संवेदनशील मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। ये महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ मुद्दा भी है: केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
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