पूजा में पीतल और तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। तांबे के बर्तन में भगवान को जल चढ़ाया जाता है। पीतल के दीपक और घंटी होती हैं। ये बर्तन दिखने में सुंदर लगते हैं लेकिन अगर इन्हें सही तरह से साफ न किया जाए तो काले पड़ जाते हैं। कई बार नॉर्मल साबुन से साफ करने पर ये बर्तन अच्छी तरह से क्लीन भी नहीं हो पाते हैं। घंटों रगड़ने के बाद भी नई जैसी चमक नहीं आती है। इसके लिए आप दही का इस्तेमाल कर सकते हैं। दही के घोल में पूजा के बर्तनों को डालने से बर्तन एकदम साफ हो जाएंगे।
पूजा के बर्तनों को साफ करने का आसान तरीका
पहला तरीका- इसके लिए आपको खट्टी दही या छाछ लेनी है। अगर दही है तो उसमें थोड़ा पानी मिला दें और अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब पूजा के सारे बर्तन और मूर्तियों को आप दही वाले घोल में डुबाकर करीब 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। अब बर्तनों को निकाल लें और स्क्रबर की मदद से रगड़ते हुए थोड़ा साफ करें। अब स्क्रबर पर साबुन लगा लें और बर्तनों को एक एक करके अच्छी तरह से रगड़ते जाएं। आपको यकीन नहीं होगा कि सारे बर्तन इतनी आसानी से साफ हो जाएंगे। दही से पीतल और तांबा दोनों में शाइन आ जाएगी।
दूसरा तरीका- अगर छाछ नहीं है या दही थोड़ी मात्रा में है तो आप इसे किसी ब्रश की मदद से सभी पीतल और तांबे के बर्तनों पर लगा दें। लड्डू गोपाल की मूर्ति पर भी लगा दें। अगर पीतल की और मूर्तियां हैं तो सभी पर थोड़ा-थोड़ा दही लगाकर थोड़ी देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब स्क्रबर की मदद से क्लीन कर लें और आखिर में साबुन लगाकर बर्तनों को साफ कर लें।
तीसरा तरीका- अगर घर में दही नहीं है तो आप यही काम नींबू के रस या नींबू के छिलकों से भी कर सकते हैं। नींबू के छिलको को बर्तनों पर रगड़ने से पीतल और तांबे के बर्तन आसानी से साफ हो जाते हैं। आप चाहें तो नींबू का रस सभी बर्तनों पर लगाकर छोड़ दें और थोड़ी देर बाद सारे बर्तनों को स्क्रबर की मदद से साफ कर लें।