आजकल मेकअप का चलन सिर्फ कैमरा, फिल्मों या पार्टी फंक्शन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब रुटीन में भी लड़कियां मेकअप लगाकर रहती है। मेकअप लगाना जितना आसान हो गया है उससे जुड़े साइड इफेक्ट्स भी उतने ही बढ़ने लगे हैं। आंखों में जलन, रेडनेस या आंखों से पानी आने की समस्या खराब आई मेकअप के कारण भी हो सकती है। कई बार पलकों की जड़ों में काजल सूख जाता है, आईलाइनर लगाते ही पानी आने लगता है या आंखों में आईशैडो के कण चले जाते हैं। जिससे आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में आई मेकअप के वक्त कुछ बातों का खास ख्याल रखें।
सबसे बड़ी गलती है कि आंखों में मेकअप लगाकर कभी भी सोना नहीं चाहिए। इससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे आंखों में सूजन हो सकती है और बार-बार स्टाइ की समस्या हो सकती है।
आंखों में लाइनर लगाकर सोने से आई टिशूज डैमेज होने का खतरा रहता है। आई लाइनर लगाने से वॉटर लाइन पिगमेंट में पुश करती है जिससे टियर फिल्म में छोटे कण चले जाते हैं।
अगर आप गंदे या किसी के उपयोग किए गए ब्रशों और स्पंजों का इस्तेमाल करते हैं तो इससे बैक्टीरिया या फंगस से कंजंक्टिवल का खतरा बढ़ जाता है।
आंखों में लेंस की सतह पर ऑयली या वाटर प्रूफ उत्पादों का उपयोग न करें। केवल उन्हीं उत्पादों का उपयोग करें जो कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के बाद उपयोग के लिए ठीक होते हैं।
चलती कार में आई मेकअप करने की गलती न करें। ऐसा करने से ब्रश या उंगलियों के जरिए कॉर्निया पर लगने की संभावना बढ़ जाती है। जो खतरनाक हो सकती है।
हर 3 से 6 महीने में आंखों के मेकअप प्रोडक्ट बदलें।
केवल टेस्टेड, स्किन एक्सपर्ट और आई स्पेशलिस्ट के द्वारा बताए गए प्रोडक्ट का ही इस्तेमाल करें।
रात में आंखों के लिए सुरक्षित, लाइट रिमूवर से आंखों का सारा मेकअप उतारें।
मेकअप करने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
आई मेकअप प्रोडक्ट और ब्रश का इस्तेमाल किसी दूसरे साथ न शेयर करें और एप्लीकेटर की सफाई का ध्यान रखें।
मेकअप प्रोडक्ट खरीदते वक्त एक या दो मिनट का समय निकालकर लेबल पढ़ें, ब्रश धो लें, या एक्सपायर हो चुके मस्कारा को फेंक दें।
थोड़ी सी सावधानी आपकी आंखों को स्वस्थ और साफ रखने में काफी मददगार साबित हो सकती है।
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