1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. जीवन मंत्र
  4. जानिए नाग को दूध पिलाने की परंपरा की शुरुआत कैसे हुई

जानिए नाग को दूध पिलाने की परंपरा की शुरुआत कैसे हुई

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Feb 02, 2016 04:48 pm IST,  Updated : Feb 02, 2016 04:49 pm IST

हिंदू धर्म के शास्त्रों में उल्लेख मिलता है कि सांपों को दूध पीलाने से सर्प देवता प्रसन्न होते हैं। जिससे आप पर कृपा बनी रहे। आपको अपनी खबर में बताएगे कि सापों को दूध पिलाने की शुरुआत कैसे हुई।

snake drink milk
snake drink milk

वनवासियों ने सर्वप्रथम नाग वंश के नागों को चित्रित करके पूजना शुरू किया था। महिष्मति के सर्व वायुभक्षी थे। और इनके अधिपति थे कार्कोटक नाग कहलाए। इस तरह कार्कोटक नाग वंश की परंपरा विकसित हुई। कार्कोटक एक उपाधि थी। जो सैकड़ों वर्षों तक रही।

पर्यावरणविद इस पंरपरा को पारिस्थितिक संतुलन से जोड़कर देखते हैं। उनका कहना है कि सांप ऐसा प्राणी है जिसे पानी के भीतर सांस लेने में मुश्किल आती है। बारिश में जैसे ही बिल में पानी घुसता है, वे बिलों से बाहर निकल आते हैं। बड़ी संख्या में सांप निकलने पर लोग उन्हें मार देंगे, इसीलिए ऋषियों ने उन्हें दूध-लावा चढ़ाने की परंपरा शुरू की ताकि सांपों का जीवन और पारिस्थितिक संतुलन बना रहे।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Religion से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल