बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार (4 जुलाई) को अपना 29वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर लाखों भक्त उनका जन्मदिन मनाने के लिए छतरपुर पहुंचे थे। गढ़ा गांव में लाखों लोगों ने जय श्रीराम, हिंदू राष्ट्र के नारे लगाए। इस बीच बागेश्वर सरकार ने हिंदू राष्ट्र का संकल्प दोहराया। एक दिन पहले पंडाल गिरने से हुए हादसे के चलते बाबा ने कई आयोजन रद्द कर दिए। उन्होंने भक्तों के बीच सादगी के साथ जन्मदिन मनाया। बाबा बागेश्वर ने कहा कि जातिवाद भेदभाव इस देश की सबसे बड़ी बीमारी है। उसे मिटाने के लिए गली-गली गांव-गांव जाएंगे। नुक्कड़ नुक्कड़ जाकर हिंदुओं को गले लगाकर उनके अंदर हिंदुत्व का विचार भरेंगे।
बाबा बागेश्वर ने अपने जन्मदिन के मौके पर भक्तों से गिफ्ट मांगा है। उन्होंने गिफ्ट में हिंदू राष्ट्र का संकल्प, जातिवाद से मुक्ति, धर्मांतरण पर फुल स्टॉप और भारत को विश्वगुरु बनाने की मांग की है। इसके साथ ही दुनिया में सनातनी पताका लहराने को कहा है। बाबा ने कहा है कि हमें कुछ ऐसा करना है कि वर्ल्ड वार की नौबत ना आए।
बागेश्वर धाम पहुंचे भक्तों का जोश हाई नजर आया। हिंदू राष्ट्र के नारे लगाते हुए भक्तों ने बाबा को सबसे बड़ा मार्गदर्शक बताया। चेन्नई से भक्तों की भीड़ बागेश्वर दरबार में पहुंची थी और ऐलान किया कि जल्द ही बाबा का दरबार दक्षिण भारत में लगने जा रहा है। साउथ में भी सनातन का डंका बजाने की तैयारी है। बाबा के इस बर्थडे पर भक्तों के साथ अपनी पदयात्रा का ऐलान कर दिया। बाबा की ये पदयात्रा बृज क्षेत्र में जाएगी। बाबा ने क्लियर बता दिया कि उनकी टीम में कौन कौन हैं। इस बर्थडे पर बाबा कुछ मिनट के लिए भक्तों के बीच आए, अपना प्रण सुनाया और आगे का प्लान भी बता दिया।
कुछ साल पहले तक धीरेंद्र शास्त्री की रीच छतरपुर से ज्यादा दूर तक नहीं थी, लेकिन अब उनका कैचमैंट एरिया वर्ल्ड वाइड हो गया है। धीरेंद्र शास्त्री कथा पढ़ने अब बिहार भी जाते हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, झारखंड, गुजरात तक जाते हैं। पूरे देश में उनके भक्त फैले हुए हैं। धीरेंद्र शास्त्री के पर्चे की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है। लाखों करोड़ों देशी विदेशी भक्त उनसे पर्चा पढ़वाना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैंड तक लोग उन्हें कथा के लिए बुलाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर दरबार सजाते हैं। हिंदुस्तान की सियासत में उनकी चर्चा चमत्कार से ज्यादा हिंदुत्व के लिए होती है। क्योंकि धीरेंद्र शास्त्री जहां भी जाते हैं, हिंदु राष्ट्र की अलख जगाते हैं।
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