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शिवसेना के साथ गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी के पास अपने आधार विस्तार का सुनहरा मौका: फडणवीस

बीजेपी और शिवसेना के बीच पहली बार 1980 की दशक में महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन हुआ। 2014 में गठबंधन कुछ समय के लिए टूटा और दोनों पार्टियों ने अपने बूते पर चुनाव लड़ा। 2014 की दूसरी छमाही में शिवसेना फिर से बीजेपी से जुड़ी और गठबंधन ने फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार बनायी। 

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: August 19, 2021 21:10 IST
BJP could not expand Maha base earlier due to Sena alliance: Fadnavis- India TV Hindi
Image Source : PTI देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन टूटने के मद्देनजर अगले चुनावी के बाद पार्टी अपनी सरकार बनाएगी।

मुंबई: भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन में होने के कारण उनकी पार्टी पहले अपने राजनीतिक समर्थन के आधार का विस्तार नहीं कर सकती थी, लेकिन गठबंधन टूटने के मद्देनजर अगले चुनावी के बाद पार्टी अपनी सरकार बनाएगी। विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि अब जब शिवसेना ने बीजेपी के साथ संबंध तोड़ दिया है और कांग्रेस तथा एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है, बीजेपी के पास राज्य में अपने आधार विस्तार का सुनहरा मौका है। 

पुणे जिले से शिवसेना नेता आशा बुचाके बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रकांत पाटिल की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुईं। फडणवीस इसी अवसर पर बोल रहे थे। फडणवीस ने कहा, ‘‘बीजेपी पहले राज्य में विस्तार नहीं कर पायी क्योंकि वह गठबंधन (शिवसेना के साथ) में थी। अब तीन दल सत्ता में हैं और बीजेपी के पास राज्य में अपने आधार विस्तार का सुनहरा मौका है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव (2024 में संभावित) के बाद बीजेपी अपने बूते पर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ तीनों पार्टियों का दम घुट रहा है। सत्तारूढ़ गठबंधन वाले दल (शिवसेना) की नेता आशा बुचाके का बीजेपी में शामिल होना स्वागत योग्य है।’’

बीजेपी और शिवसेना के बीच पहली बार 1980 की दशक में महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन हुआ। 2014 में गठबंधन कुछ समय के लिए टूटा और दोनों पार्टियों ने अपने बूते पर चुनाव लड़ा। 2014 की दूसरी छमाही में शिवसेना फिर से बीजेपी से जुड़ी और गठबंधन ने फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार बनायी। दोनों दलों ने फिर से 2019 में साथ मिलकर विधानसभा चुनाव जीता लेकिन सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर शिवसेना ने अपना रास्ता अलग कर लिया और कांग्रेस तथा एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनायी।

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