अंबरनाथ नगर परिषद में हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। देशभर में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने अंबरनाथ में सीधे कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर सत्ता का रास्ता चुना है। शिंदे गुट को दरकिनार करते हुए, अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस का एक अप्रत्याशित गठबंधन साकार हुआ है और इस गठबंधन की बदौलत भाजपा बहुमत की ओर बढ़ रही है।
भाजपा की तेजश्री करंजुले ने अंबरनाथ नगर परिषद में महापौर का पद जीत लिया है। कुल 32 पार्षदों के गठबंधन से, जिनमें भाजपा के 16, कांग्रेस के 12 और NCP (अजीत पवार समूह) के 4 पार्षद शामिल हैं, भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिल जाएगा। हालांकि, इन घटनाक्रमों से शिवसेना शिंदे समूह में भारी असंतोष है। शिवसेना शिंदे समूह ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए इस गठबंधन को अशोभनीय बताया है।
शिंदे समूह के विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करने वाली भाजपा पर कांग्रेस के साथ गठबंधन करके शिवसेना पर हमला करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस-मुक्त भारत की घोषणा करने वाली भाजपा ने आज कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लिया है। यह गठबंधन शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेट श्रीकांत शिंदे का रिएक्शन आया है। श्रीकांत शिंदे ने कहा, अंबरनाथ में भाजपा-कांग्रेस का गठबंधन, यह सवाल पूरी तरह से हमारी सहयोगी भाजपा के लिए है। भाजपा नेता इसका जवाब अच्छे से दे पाएंगे। कई सालों से भाजपा और शिवसेना केंद्र, राज्य और नगर निगम में गठबंधन में हैं। यह गठबंधन अटूट रहना चाहिए। अंबरनाथ में शिवसेना सत्ता में थी और शिवसेना ने अंबरनाथ में अच्छा विकास कार्य किया। अब वे जो भी फैसला लेना चाहते हैं, शिवसेना विकास की राजनीति करने वाले के साथ होगी।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता दीपक केसरकर ने कहा, ''हमने स्थानीय भाजपा नेताओं को एकसाथ मिलकर सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। हमारा अच्छा कोऑर्डिनेशन भाजपा के साथ है और हमारा जहां कहीं भाजपा के साथ गठबंधन है वहां पर हम एक-दूसरे क साथ दे रहे हैं और एक-दूसरे को मदद भी कर रहे हैं। अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन का अंतिम निर्णय दोनों पार्टियों के नेता लेंगे।''
वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। भाजपा उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने शिंदे समूह पर पलटवार करते हुए कहा है कि अगर वे पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त शिंदे समूह के साथ सत्ता में होते, तो यह एक बेहद ही अनुचित गठबंधन होता। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अंबरनाथ नगर परिषद के लिए शिंदे समूह के साथ महागठबंधन पर कई बार चर्चा करने की कोशिश की, लेकिन उनके नेताओं से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। एक ओर जहां भाजपा-कांग्रेस गठबंधन अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता के बंटवारे को स्पष्ट कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इस गठबंधन ने महागठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है।
अंबरनाथ में यह अनुचित गठबंधन अनुचित है या अपरिहार्य, इस पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और भी तेज होने की संभावना है। इस संबंध में कांग्रेस नगर अध्यक्ष प्रदीप पाटिल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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