चंडीगढ़: कबड्डी प्रमोटर और खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया की हत्या में शामिल एक शूटर की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करन पाठक नाम का शूटर मोहाली में पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। बता दें कि 30 वर्षीय राणा बालाचौरिया को पिछले साल 15 दिसंबर 2025 को मोहाली के सोहना इलाके में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या में शामिल शूटरों में से एक अमृतसर निवासी करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर भी था, जो आज एनकाउंटर में ढेर हो गया।
पाठक ने सीने में दर्द की शिकायत की थी
करन डिफाल्टर और उसके साथी तरनदीप सिंह को कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने गिरफ्तार किया था। इनके साथ पश्चिम बंगाल के हावड़ा से एक और साथी भी पकड़ा गया था। मोहाली के SSP हरमनदीप सिंह हंस ने शनिवार को कहा कि करन पाठक पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की हिरासत में था। शुक्रवार रात को पाठक ने सीने में दर्द की शिकायत की। पुलिस उसे अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन धुंध भरे मौसम की वजह से उनकी गाड़ी रात करीब 11:30 बजे एक रोड डिवाइडर से टकरा गई। इसी हादसे का फायदा उठाकर पाठक भाग निकला।
मोहाली के खरार इलाके में मिला आरोपी
SSP हंस ने आगे बताया कि पाठक के भागने के बाद पूरे जिले में उसकी तलाश शुरू कर दी गई। चंडीगढ़, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। कई जगहों पर चेकपॉइंट लगाए गए ताकि आरोपी को जल्दी पकड़ा जा सके। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे मोहाली के खरार इलाके में एक पुलिस टीम ने पाठक को देखा। पुलिस ने उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन वह भागने की कोशिश करने लगा। पाठक ने पुलिस पर 6 से 7 गोलियां चलाईं। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया।
पाठक के पास हथियार कहां से आया?
मुठभेड़ में घायल पाठक को पहले पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में सरकारी अस्पताल में भेजा गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हे गई। यह पूछे जाने पर कि पाठक के पास पुलिस पर गोली चलाने के लिए हथियार कहां से आया, SSP ने बताया कि पाठक 6-7 घंटे तक फरार रहा था और हो सकता है कि उसने हथियार किसी ऐसी जगह से लिया हो जहां उसने पहले से रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि अभी तक हथियार नहीं मिला है।




