राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मंडावा कस्बे में 15 वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक जंजीरों में कैद होकर जीवन बिताने को मजबूर है। मुस्तफा नाम के इस युवक को परिजनों ने घर के पास एक पेड़ से बांधकर रखा है। उसके माता-पिता नहीं है। उसकी देखभाल उसकी बहन शाबिरा और भांजा सोयल कर रहे हैं, लेकिन गरीबी के कारण उसका उचित इलाज नहीं हो पा रहा है।
बीमारी ने छीना सामान्य जीवन
परिजनों के अनुसार, मुस्तफा की शादी भी हुई थी, लेकिन मानसिक बीमारी के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। जब भी उसे जंजीरों से मुक्त किया जाता है, तो वह हिंसक हो जाता है और लोगों पर हमला कर देता है। इसी डर से परिवार ने उसे बांधकर रखने का फैसला किया।
इलाज से मिली थी राहत, लेकिन...
पूर्व सरपंच सज्जन पूनिया के अनुसार, कुछ साल पहले एक सामाजिक संस्था ने उसे भरतपुर में इलाज दिलवाया था, जिससे उसकी हालत में काफी सुधार हुआ था, लेकिन इलाज जारी नहीं रहने के कारण वह फिर से मानसिक रूप से अस्वस्थ हो गया। पूनिया का कहना है कि प्रशासन को आगे बढ़कर मुस्तफा का सरकारी खर्चे पर इलाज करवाना चाहिए, ताकि वह फिर से सामान्य जीवन जी सके।
आर्थिक तंगी से परेशान परिवार
मुस्तफा के परिजनों का कहना है कि उन्होंने उसकी बीमारी के इलाज में अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी, लेकिन अब उनके पास आगे का इलाज करवाने के लिए पैसे नहीं हैं। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मुस्तफा को मानसिक रोग की बेड़ियों से मुक्त करने के लिए सरकारी सहायता दी जाए।
(रिपोर्ट- अमित शर्मा)
ये भी पढ़ें-
महाराष्ट्र-कर्नाटक में तनातनी: बसों में मार्शल या पुलिस को तैनात कर सकती है फडणवीस सरकार
संपादक की पसंद