1. Hindi News
  2. राजस्थान
  3. क्या सच में सचिन पायलट से सुलह परमानेंट है? अशोक गहलोत ने दिया ऐसा जवाब

क्या सच में सचिन पायलट से सुलह परमानेंट है? अशोक गहलोत ने दिया ऐसा जवाब

 Published : Jun 08, 2023 02:12 pm IST,  Updated : Jun 08, 2023 02:12 pm IST

अशोक गहलोत ने कहा कि वह सचिन पायलट को ढाई साल की उम्र से जानते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई सुलह बैठक के दौरान पायलट ने खुद उन्हें यह बताया था।

ashok gehlot- India TV Hindi
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत Image Source : PTI

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव में अब 6 महीने से भी कम वक्त बचा है और राज्य में आए दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की लड़ाई को लेकर खबरे आती रहती हैं। इस बीच, हाल ही में दिल्ली में हुई पैचअप मीटिंग के बाद सीएम गहलोत ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 'सचिन पायलट से सुलह स्थायी है।' उन्होंने कहा, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्य प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने हमें बैठाया और बात की। उन्होंने कहा, सवाल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि देश का है। आज कांग्रेस देश की जरूरत है।

'ढाई साल की उम्र से पायलट को जानता हूं'

मानेसर मामले को लेकर सीएम ने कहा, 'मैंने सभी को माफ कर दिया है। जैसलमेर में होटल से निकलते ही मैंने कहा कि 'भूल जाओ, आगे बढ़ो।' सीएम ने कहा कि वह पायलट को ढाई साल की उम्र से जानते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुई सुलह बैठक के दौरान पायलट ने खुद उन्हें यह बताया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में गहलोत ने कहा, पायलट की मांग पर भी बात की है। आरपीएससी की कमेटी संवैधानिक है इसलिए इसे भंग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, वह हमारी पार्टी के सदस्य हैं, इसलिए उनकी बातें अधिक वजन रखती हैं। हमने उनकी मांग के बाद पूछताछ की थी, लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि हमें आरपीएससी समिति को भंग कर देना चाहिए। यह एक संवैधानिक मामला है।

यह भी पढ़ें-

'सोनिया गांधी द्वारा दिए गए प्रस्ताव को पारित नहीं करना मेरे लिए अकल्पनीय था'
25 सितंबर, 2022 को कांग्रेस के विधायकों द्वारा समानांतर बैठक बुलाने के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम ने कहा, ''तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा दिए गए प्रस्ताव को पारित नहीं करना, मेरे लिए अकल्पनीय था। फिर तनोट माता मंदिर में दर्शन करने के बाद, मैंने भी मीडिया को बताया कि दो लाइन के प्रस्ताव को पारित किया जाना है। जयपुर पहुंचे तो पता चला कि विधायक धारीवाल जी के घर पर जमा हैं। धारणा बनी कि मैं ऐसा करवा रहा हूं, हालांकि मुझे नहीं पता था। मैं कहना चाहता हूं कि राजस्थान की कांग्रेस हमेशा से आलाकमान के साथ रही है। मैं उस परिवार के लिए कुछ भी करूंगा। चाहे जो भी स्थिति हो, मैं इस परिवार के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं।''

(इनपुट- IANS)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। राजस्थान से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।