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Bhai Dooj Puja Vidhi Aur Mantra: भाई दूज पर ऐसे करें अपने भैय्या को तिलक, जानें पूजा विधि और मंत्र

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Oct 22, 2025 05:18 pm IST,  Updated : Oct 22, 2025 05:18 pm IST

Bhai Dooj Puja Vidhi/Mantra: भाई दूज का त्योहार दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। इस बार 23 अक्टूबर को भाई दूज मनाया जाएा। यह दिन भाई और बहन के स्नेह और विश्वास के रिश्ते को मजबूत बनाता है। जानिए भाई दूज की सही पूजा विधि और मंत्र क्या है।

Bhai Dooj 2025- India TV Hindi
भाई दूज पूजा विधि Image Source : PEXELS

Bhai Dooj Puja Vidhi/Mantra: कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला भाई दूज भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व है। इस साल भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा 23 अक्टूबर को एक साथ पड़ रही है। सावन महीने में पड़ने वाले प्रमख त्योहार रक्षाबंधन के बाद बहनों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है।

इस दिन बहन अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए यम देवता की पूजा करती है। बदले में भाई अपनी बहन की सुरक्षा का वचन देता है और उसे अपनी क्षमता के अनुसार, उपहार भेंट करता है। जानिए भाई दूज की सही पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और तिलक के समय बोले जाने वाले मंत्र।

भाई दूज की पौराणिक कथा

सनातन धर्म के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे। यमुना ने उनका आदर-सत्कार किया। अपने भाई की आरती उतारकर उन्हें तिलक लगाया और उन्हें भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि इस दिन जो बहन अपने भाई का तिलक करेगी, उसके भाई की आयु लंबी होगी और उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं सताएगा। तभी से भाई दूज का यह पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई।

भाई दूज 2025 शुभ मुहूर्त

भाई दूज की तिथि 22 अक्टूबर रात 8:16 बजे से शुरू होकर 23 अक्टूबर रात 10:46 बजे तक रहेगी। पंचांग के अनुसार, मुख्य पर्व 23 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा।

तिलक के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैंः

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक

श्रेष्ठ मुहूर्त: दोपहर 1:13 बजे से 3:28 बजे तक (सबसे शुभ)

विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 बजे से 2:43 बजे तक

गोधूली मुहूर्त: शाम 5:43 बजे से 6:09 बजे तक

भाई दूज की पूजन विधि

इस दिन बहन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।

पूजा की थाली में दीपक, अक्षत, रोली, फूल, सुपारी, सूखा नारियल, सिक्का और मिठाई रखें।

सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें और फिर उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी रखकर भाई को बैठाएं।

भाई के सिर पर कपड़ा रखें, उसके हाथ परकलावा बांधें।

अब रोली-अक्षत से भाई का तिलक करें और उसकी आरती उतारें।

भाई को मिठाई खिलाएं और नारियल देकर उसकी लंबी उम्र और समृद्धि की प्रार्थना करें।

भाई तिलक करवाने के बाद बहन के पौर छूकर उसका आशीर्वाद जरूर लें।

इसके बाद भोजन ग्रहण करें और बहन को उपहार दें।

भाई दूज के शुभ मंत्र

तिलक करते समय बहन भाई की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निम्न मंत्र का जाप कर सकती है – "ॐ यमाय नमः।"

इसके अलावा यह वैदिक मंत्र भी कहा जा सकता है – "ॐ स्वस्ति भद्राणि शुभानि, पूर्णं भवतु ते आयुष्मान् दीर्घायु:"

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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