Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर बन रहा है रवि योग, इस विधि से करें सूर्य उपासना, चारों तरफ फैलेगी यश-कीर्ति
Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर बन रहा है रवि योग, इस विधि से करें सूर्य उपासना, चारों तरफ फैलेगी यश-कीर्ति
Written By: Aditya Mehrotra
Published : Jan 08, 2024 03:28 pm IST,
Updated : Jan 09, 2024 07:29 pm IST
इस बार की मकर संक्रांति बड़ी खास है। इस दिन मकर संक्रांति पर रवि योग का शुभ निर्माण हो रहा है। इस योग में भगवान सूर्य देव की आराधना करने से व्यक्ति को अपार धन-वैभव की प्राप्ति होती। आइए जानते हैं मकर संक्रांति पर किस विधि से करें सूर्य नारायण की पूजा।
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Makar Sankranti 2024 Puja Vidhi
Makar Sankranti 2024 Puja Vidhi: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है और इसे पूर्ण श्रद्धा के साथ पूरे देश भर में मनाया जाता है। खासतौर पर यह पर्व भगवान सूर्य देव को समर्पित है। क्योंकि इस दिन से सूर्य भगवान उत्तर दिशा की ओर उदय होना शुरू कर देते हैं। मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान का भी बहुत ज्यादा महत्व माना जाता है।
इस बार यह मकर संक्रांति पौष मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को 15 जनवरी 2024 के दिन मनाई जाएगी। ज्योतिष के आधार पर भी यह दिन बेहद शुभ मान जाता है क्योंकि ग्रहों के राजा सूर्य इस दिन मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ इस बार की मकर संक्रांति को बहुत विशेष माना जा रहा है। क्योंकि इस बार रवि योग भी बन रहा है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति के दिन किस खास विधि से सूर्य देव की पूजा की जाती है।
मकर संक्रांति पर 52 मिनट का शुभ योग
इस बार मनाई जाने वाली मकर संक्रांति पर बहुत शुभ है। क्योंकि यह पर्व विशेष रूप से भगवान भास्कर की आराधना के लिए होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन रवि योग का शुभ संयोग भी बन रहा है जो बेहद दुर्लभ माना जा रहा है। भगवान सूर्य देव के 12 नामों से एक नाम उनका रवि भी है। 15 जनवरी 2024 दिन सोमवार को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर 8 बजकर 7 मिनट तक के लिए रवि योग रहेगा। इस योग की अवधि कुल 52 मिनट की होगी। ऐसे में जो लोग इस योग में भगवान सूर्य नारायण का विधि पूर्वक पूजा-पाठ करेंगे उनका जीवन भर कल्याण ही कल्याण होगा।
मकर संक्रांति पर सूर्य देव की विशेष पूजा विधि
मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले उठ जाएं। इस दिन तीर्थ स्नान का बहुत बड़ा महत्व होता है। मकर संक्रांति वाले दिन किसी तीर्थ नदी में जाकर अवश्य स्नान करें यदि तीर्थ स्नान नहीं कर सकते हैं। तो नहाने के पानी में गंगाजल जरूर डालकर स्नान करें।
स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और रवि योग में सूर्य भगवान को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। अर्घ्य देने से पहले तांबे के लोटे में जल डालें, उसमें अक्षत, लाल कुमकुम, कनेर का पीला फूल और काला तिल अवश्य डालें। इस तरह से नियम पूर्वक सूर्य देव का अर्घ्य तैयार करने के बाद उनके सम्मुख खड़े होकर उन्हें अर्घ्य अर्पित करें।
अर्घ्य देने का मंत्र इस प्रकार से - ओम् घृणि सूर्याय नम:। अर्घ्य देते समय आप सूर्य देव के इस विशेष मंत्र का जाप कर सकते हैं।
इसके बाद धूप जलाकर आप भगवान सूर्य देव की आरती करें। उनसे हाथ जोड़ कर प्रार्थना करें कि वह आपको जीवन में सफल होने का आशीर्वाद प्रदान करें।
सूर्य देव की आरती करने के बाद वहीं प खड़े होकर हाथ जोड़े हुए उनकी 3 बार परिक्रमा लगा लें।
इसके बाद आप तीन बार आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें जो सूर्य देव का सबसे फलदायक पाठ है।
मकर संक्रांति वाले दिन इस विध से सूर्द देव की आराधना करने के बाद श्रद्धानुसार काला तिल, गेहु, गुड़ इत्यादि वस्तुओं का दान करें। ऐसा करने से सूर्य देव आपके सभी मनोरथ शीघ्र पूर्ण करेंगे और जीवन में आपकी झोली धन-संपदा और सभी भौतिक सुखों से भर देंगे।
सूर्य देव एकमात्र ऐसे देवता हैं जिनकी कृपा से व्यक्ति अपार सफलता, यश-कीर्ति और भौतिक सुखों को संसार में प्राप्त कर सकता है। इसलिए इस दिन पूर्ण श्रद्धा से सूर्य देव की पूजा आर्चना अवश्य करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)