विराट आज करोड़ों भारतीय फैंस आपसे माफी मांगते हैं माफी इसलिए क्योंकि इन्होंने आपसे 25 साल के बदलने की उम्मीद की थी माफी इसलिए क्योंकि ये आपकी टीम से इतिहास बदलने की उम्मीद लगाए हुए थे माफी इसलिए क्योंकि आपके तेवर आपके जोश में फैंस होश खो बैठे थे।घर में जिस टीम को अजेय माना जा रहा था जिसकी वीरगाथा हर गलियों में सुनाई दे रही थी आज उन गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है आज फैंस बस यही कह रहे हैं कि आप वापस आ जाओ बस और हार देखी नहीं जाती और बेइज्जती सही नहीं जाती।
सेंचुरियन टेस्ट में भले ही विराट ने सेंचुरी लगाई लेकिन टेस्ट की किस्मत वो भी नहीं बदल पाए। सेंचुरियन हारने के साथ ही भारत ने सीरीज भी गंवा दी है। इस हार के लिए कप्तान कोहली के अटपटे फैसले जिम्मेदार हैं।
केप टाउन में पहले टेस्ट के लिए टीम चयन को लेकर काफी अटकलें थीं। चर्चा ये थी कि रोहित शर्मा और अजंक्य रहाणे में से किसको जगह मिलेगी। टीम मैनेजमेंट ने मौजूदा फ़ार्म को देखते हुए रोहित शर्मा को तवज्जो दी हालंकि विदेश में रहाणे का रिकॉर्ड कहीं बेहतर रहा है। इस मैच में रोहित दोनों पारियों में फ़्लॉप रहे और उनके साथ ओपनर शिखर धवन भी फ़्लॉप हो गए। ऐसे में तलवार खिंचना तो तय ही था और कोहली पर होने लगे हमले। इन हमलों से धबराकर जीत के आदी कोहली ने दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में ताबड़तोड़ बदलाव कर तीन खिलाड़ियों को छुट्टी कर दी। धवन की जगह केएल राहुल, घायल साहा की जगह पार्थिव पटेल और भुवनेश्वर की जगह ईशांत शर्मा को टीम में रखा गया। धवन और भुवनेश्वर को न रखना हैरान करना वाला था। भुवनेशवर ने पहले मैच में न सिर्फ 6 विकेट लिए थे बल्कि दोनों पारियों में बैटिंग के समय पिच पर जमे रहने का दमख़म भी दिखाया था।
इसके अलावा कोहली पर टीम जरूरत से ज्यादा निर्भर है ये भी हार की एक बड़ी वजह बना। साउथ अफ़्रीका के दौरे पर आने के पहले कप्तान ग़ज़ब के फ़ार्म में थे और वह लगातार स्कोर कर रहे थे। यही वजह है कि टीम उन पर ज़रुरत से ज़्यादा निर्भर होने लगी। कोहली यहां अब तक चार पारियों में सिर्फ एक पारी (153) में ही रन बना पाए हैं। कोहली की तरह पुजारा से भी काफी उम्मीदें थीं लेकिन उनका भी चार पारियों में 26 सर्वाधिक स्कोर रहा है।
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