Sunday, January 25, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. खेल
  3. क्रिकेट
  4. महान क्रिकेटर कर्टली एंब्रोस ने कहा, 'आक्रामकता सिखायी नहीं जाती, यह तेज गेंदबाजों का स्वाभाविक गुण होना चाहिए'

महान क्रिकेटर कर्टली एंब्रोस ने कहा, 'आक्रामकता सिखायी नहीं जाती, यह तेज गेंदबाजों का स्वाभाविक गुण होना चाहिए'

एंब्रोस का मानना है कि वह स्वाभाविक तौर पर आक्रामक थे लेकिन वह एंटीगा के उनके साथी एंडी राबर्ट्स थे जिन्होंने गेंदबाजी के करते समय उन्हें इसे अपनाने के लिये उन्हें प्रेरित किया।     

Edited by: Bhasha
Published : May 27, 2020 11:40 am IST, Updated : May 27, 2020 11:40 am IST
Curtly Ambrose, Steve Waugh, Ambrose Waugh, West Indies, Australia, cricket, West Indies vs Australi- India TV Hindi
Image Source : GETTY IMAGES Curtly Ambrose

अपने करियर के दौरान बल्लेबाजों में दहशत पैदा करने वाले वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज कर्टली एंब्रोस का मानना है कि गेंदबाजों को आक्रामकता सिखायी नहीं जा सकती है बल्कि यह उनका स्वाभाविक गुण होना चाहिए। एंब्रोस ने कहा कि हालांकि वह स्वाभाविक तौर पर आक्रामक थे लेकिन वह एंटीगा के उनके साथी एंडी राबर्ट्स थे जिन्होंने गेंदबाजी के करते समय उन्हें इसे अपनाने के लिये उन्हें प्रेरित किया। 

स्काई स्पोर्ट्स के लिये माइकल एथरटन द्वारा आयोजित पोडकॉस्ट में एंब्रोस ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे हमेशा आक्रामक बने रहना और हमेशा बल्लेबाजों पर हावी होना सिखाया। उन जैसे दिग्गज की सिखायी गयी यह बात मेरे दिमाग में बैठ गयी थी। ’’ 

यह भी पढ़ें- जब खूनी बाउंसर से वरुण एरोन ने तोड़ी थी इंग्लैंड इस बल्लेबाज की नाक, अब बताई इसके पीछे की कहानी

अपने टेस्ट करियर में 98 मैचों में 20.99 की औसत से 405 विकेट लेने वाले एंब्रोस ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि आप किसी गेंदबाज को आक्रामक होना सिखा सकते हो। यह आपके अंदर होनी चाहिए। आप कोशिश कर सकते हो लेकिन अगर यह किसी गेंदबाज के अंदर नहीं है तो संभवत: यह कारगर नहीं होगी। मेरे लिये यह कारगर साबित होती थी क्योंकि खेलते समय मैं स्वाभाविक तौर पर आक्रामक हो जाता था। यह मेरे अंदर स्वाभाविक रूप से मौजूद थी। ’’ 

एंब्रोस ने कहा कि अगर कोई गेंदबाज अपनी गेंदों से कहर बरपा रहा हो तो फिर बल्लेबाज पर छींटाकशी करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा, ‘‘आप जो करना चाहते हो अगर आप उसमें सक्षम हो तो फिर इसके लिये आपके पास साढ़े पांच औंस (क्रिकेट गेंद) हैं। अगर आप छींटाकशी करते हो तो फिर आप सक्षम नहीं हो। यह वेस्टइंडीज का तरीका नहीं है। साढ़े पांच औंस की गेंद आपके पास 90 मील प्रतिघंटे की रफ्तार से पहुंचती है यही पर्याप्त है। ’’ 

यह भी पढ़ें-  वरुण एरोन ने राहुल द्रविड़ को बताया सबसे मुश्किल बल्लेबाज, उनके सामने कुछ ऐसा करते थे महसूस

एंब्रोस ने उन दिनों को याद किया जब अस्सी के दशक के अंतिम वर्षों में वह वेस्टइंडीज की टीम से जुड़े। उन्होंने कहा कि वह कभी दूसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज नहीं बल्कि हमेशा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बनना चाहते थे। 

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं पहली बार वेस्टइंडीज की टीम में आया तो महान तेज गेंदबाज स्वर्गीय मैलकम मार्शल के अलावा कर्टनी वाल्श और पैट्रिक पैटरसन टीम में थे। मैं कभी दूसरा सर्वश्रेष्ठ नहीं बनाना चाहता था। मुझे खुद पर विश्वास था और मैं सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता था। ’’ 

एंब्रोस ने कहा, ‘‘मुझे जल्द ही पता चल गया कि अधिकतर विरोधी टीमें शायद यह सोचती हैं कि कर्टली तो नया है इसलिए मार्शल, वाल्श और पैटरसन पर ध्यान दो। मैं कभी ऐसा नहीं चाहता था इसलिए जल्दी सीखने लिये मजबूर होना पड़ा ताकि मैं टीम की कमजोर कड़ी न रहूं। अपने विश्वास से मैंने वह हासिल किया जो मैं चाहता था। ’’ 

Latest Cricket News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Cricket से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें खेल

Advertisement

लाइव स्कोरकार्ड

Advertisement
Advertisement