आधुनिक क्रिकेट में टी20 क्रिकेट की बढती लोकप्रियता के रंगीन पर्दे के पीछे दम घोटते टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए कई आईसीसी ने कई सराहनीय कदम उठाए हैं। जिसमें सबसे पहला की इस साल से टेस्ट चम्पियाँशिप का आगाज होगा। जिसकी शुरुआत 1 अगस्त से एशेज सीरीज से होगी। इसमें आईसीसी ने एक और शानदार कदम उठाया है कि टेस्ट जर्सी में भी अब वनडे क्रिकेट की तरह खिलाड़ियों का नाम और नंबर उनके पीछे लिखा होगा। इससे ना सिर्फ टेस्ट क्रिकेट और आकर्षक बनेगा बल्कि दर्शकों को भी टेस्ट क्रिकेट में कुछ नया देखने को मिलेगा।
ऐसे में जब बात जर्सी और उसके नम्बर की आती है तो भला भारतीय टीम की जर्सी नम्बर 10 यानी सचिन तेद्नुलकर के नंबर वाली जर्सी कौन भूल सकता है। जिसे बीसीसीआई ने अधिकारिक रूप से रिटायर कर दिया है। ऐसे में एक और नम्बर है जिसके बिना शायद टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट के मैदान में 22 अगस्त को वेस्ट इंडीज के खिलाफ उतरे। वो है टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी का जर्सी नंबर सात, जिस पर बीसीसीआई ने प्रतिक्रिया दी है।
बता दें कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर ने जब सचिन तेंदुलकर की जर्सी नंबर 10 पहनी थी तो सोशल मीडिया पर उन्हें काफी लताड़ सहनी पड़ी थी।
ऐसे में माना जा रहा है कि अधिकांश भारतीय खिलाड़ी अपनी सीमित ओवरों की जर्सी के नंबर ही इस्तेमाल करेंगे। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘विराट 18 और रोहित 45 नंबर पहनेंगे। अधिकांश खिलाड़ी अपनी वनडे और टी20 जर्सी के नंबर पहनेंगे। हालाँकि एमएस धोनी क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो जर्सी नंबर सात उपलब्ध रहेगी, लेकिन बहुत कम संभावना है कि कोई खिलाड़ी इसे पहने।’
उन्होंने कहा, ‘7 नंबर जर्सी का ताल्लुक सीधे एमएस से है। वनडे सीरीज के बाद ही वेस्टइंडीज में नंबर वाली जर्सी पहुंचेंगी।’ आम तौर पर जर्सी रिटायर नहीं की जाती, लेकिन भारतीय क्रिकेट में धोनी का कद इतना बड़ा है कि बीसीसीआई उनकी जर्सी रिटायर कर सकता है।
गौरतलब है कि धोनी ने 2015 में टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। इस समय वो भारतीय सेना की पेराशूट रेजिमेंट के साथ ट्रेनिंग करने के लिए दो माह क्रिकेट से दूर है, जिसके लिए उन्होंने पहले ही वेस्ट इंडीज दौरे पर जाने से मना कर दिया था।
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