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रबाडा ने रचा इतिहास, बने 19वीं सदी के बाद ICC टेस्ट रैंकिंग के सबसे युवा तेज़ गेंदबाज़

 Written By: India TV Sports Desk
 Published : Jan 11, 2018 04:26 pm IST,  Updated : Jan 11, 2018 04:26 pm IST

साउथ अफ़्रीका के कगिसो रबाडा ICC टेस्ट रैंकिंग में 19वीं सदी के बाद नंबर वन बनने वाले सबसे युवा तेज़ गेंदबाज़ बन गए हैं.

Rabada- India TV Hindi
Rabada

साउथ अफ़्रीका के कगिसो रबाडा ICC टेस्ट रैंकिंग में 19वीं सदी के बाद नंबर वन बनने वाले सबसे युवा तेज़ गेंदबाज़ बन गए हैं. रबाडा ने केप टाउन टेस्ट में भारत के ख़िलाफ़ पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में दो विकेट लिए थे. 22 साल के रबाडा ने रैंकिंग में इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन को पीछे ढकेला है. वह ये मुक़ाम हासिल करने वाले साउथ अफ़्रीका के 7वें बॉलर हैं. उनसे पहले डेल स्टेन, शॉन पोलॉक, हग टेफ़ील्ड, पीटर पोलॉक, वर्नोन फ़िलेंडर और ऑब्रे फॉकनर ये स्थान हासिल कर चुके हैं. ICC की वेबसाइट के अनुसार रबाडा ने वो रिकॉर्ड तोड़ा है जो 19वीं सदी से बरक़रार था..

एक नज़र डालते हैं उन पांच टेस्ट बॉलरो पर जो कम उम्र में टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में शिखर पर पहुंचे

5. वक़ार यूनुस

उम्र: 8 448 दिन, जनवरी 1993

पाकिस्तान के वक़ार यूनुस ने अपनी इन- स्विंग यॉर्कर और ज़बरदस्त रफ़्तार से तेंज़ गेंदबाज़ी की एक नयी परिभाषा ही दे दी थी. जनवरी 1993 हेमिल्टन टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 59 रन देकर 4 विकेट और दूसरी पारी में 22 रन देकर 5 विकेट लिए थे जिसकी वजह से पाकिस्तान को 33 रन से रोमांचक जीत मिली थी. न्यूज़ीलैंड को जीत के लिए 127 रन बनाने थे लेकिन पूरी टीं 93 पर ऑलआउट हो गई थी. बॉलिंग के इस शानदार प्रदर्शन की वजह से वक़ार वेस्ट इंडीज़ के कर्टली एंब्रोस को पीछे छोड़ पहले नंबर पर पहुंच गए थे. वह इस स्थान पर 367 दिनों तक रहे. 

4. जोए पामर

उम्र: 8 410 दिन, मार्च 1882

इस मध्यम तेज़ स्पिनर को उनके अनुकूल विकेट पर खेलना बहुत मुश्किल होता था. वह टेस्ट क्रिकेट के शुरुआती सालों में ऑस्ट्रेलिया के लिए गेंदबाज़ी करते थे. उन्होंने सिडनी में मार्च 1882 में कुल 96 रन देकर 9 विकेट लिए थे. इसके बाद वह फ़्रेड स्पोफ़ोर्थ को पछाड़ नंबर एक गेंदबाज़ बन गए थे. वह इस स्थान पर 933 दिनों तक कायम रहे. 1889 में उनके घुटने की हड्डी टूट गई थी और इसके बाद वो फिर उस तरह की गेंदबाज़ी नहीं कर सके. 

3. इयान बॉथम

उम्र: 8 309 दिन, अगस्त 1978

शायद ही किसी क्रिकेटर ने टेस्ट करिअर की ऐसी शुरुआत की हो जैसी इयान बॉथम ने की थी. वह महज़ 11 टेस्ट मैच खेलकर ही नंबर एक गेंदबाज़ बन गए थे. उन्होंने अपने ही देश के बॉव विलिस को पीछे छोड़ा था. 11 टेस्ट में बॉथम ने 64 विकेट लिए थे. चोट की वजह से उन्हें नुकसान हुआ लेकिन फिर भी वह 845 दिनों तक टॉप पर रहे. देखने वाली बात ये है कि वह उस समय वेस्ट इंडीज़ के तेंज़ गेंदबाज़ो के अलावा ऑस्ट्रेलिया के डेनिस लिली ौर न्यूज़ीलैंड के रिचर्ड हेडली से टक्कर ले रहे थे.

2. जॉर्ज लोहमैन

उम्र: 8 288 दिन, फरवरी 1888

अब टेस्ट क्रिकेट काफी बदल चुका है लेकिन जॉर्ज लोहमैन के करिअर का बॉलिंग फिगर उनके निधन के सौ साल बाद भी हैरान करता है. उन्होंने 50 से ज़्यादा टेस्ट विकेट लिए थे. उनका बॉलिंग औसत और स्ट्राइक रेट आज भी सर्वश्रेष्ठ है. साठ साल के बाद भी एक पारी में उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर है. उन्होंने 88 में टॉप स्थान हासिल किया था लेकि पिर गवां दिया परंतु साउथ अफ़्रीका में 1896/96 सिरीज़ में 35 विकेट लेकर वह फिर शिखर पर पहुंच गए थे. वह इस स्थान पर 339 दिन रहे.

1. कगिसो रबाडा

​उम्र: 8 261 दिन, जनवरी 2018

रबाडा पर 2014 ICC U/19 World Cup में नज़र पड़ी जो साउथ अफ़्रीका ने जीता था. ये प्रतियोगिता UAE में हुई थी. रहाडा ने 2016 में सेंचुरियन में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 144 रन देकर 13 विकेट लिए थे. इसके बाद उन्होंने जनवरी 2017 में केप टाउन में श्रीलंका के ख़िलाफ़ दस विकेट लिए थे और टॉप 10 बॉलर्स में शुमार हो गए थे. रबाडा यहीं नहीं रुके और पूरे साल शानदार बॉलिंग करते रहे. अक्टूबर में रबाडा ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ ब्लूमफ़ोन्टीन में दस विकेट लिए और फिर केप टाउन में 5 विकेट लेकर ICC टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में टॉप पर आ गए. दिलचस्प बात ये है कि वह वनडे रैंकिंग में भी टॉप पर रह चुके हैं हालंकि यहां उनका राज सिर्फ 5 दिन तक चला.

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